ईरान जंग में 6 तेल कंपनियों ने $81 अरब कमाए:यह भारत के रक्षा बजट के बराबर; इस दौरान कच्चा तेल 23% महंगा

ईरान जंग शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं तो दुनियाभर में महंगाई भी बढ़ गई। इस दौरान अप्रैल से जून के बीच दुनिया की 6 सबसे बड़ी तेल कंपनियों ने रिकॉर्ड 81 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया। अल जजीरा की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

6 बड़ी तेल कंपनियों ने कितना कमाया ? सऊदी अरामको मुनाफा: 32.69 अरब डॉलर सालाना आधार पर 44% की बढ़ोतरी। एक्सॉनमोबिल मुनाफा: 14.5 अरब डॉलर पिछले 4 वर्षों का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा । शेवरॉन मुनाफा: 12 अरब डॉलर पिछले 6 वर्षों का सबसे मजबूत तिमाही प्रदर्शन । शेल मुनाफा: करीब 10 अरब डॉलर पिछले साल के मुकाबले कमाई दोगुने से ज्यादा रही। टोटलएनर्जीज दूसरी तिमाही में मुनाफा 67% बढ़ा। लगभग 3 वर्षों का सबसे अच्छा प्रदर्शन। बीपी मुनाफा: 5.73 अरब डॉलर एक साल पहले के मुकाबले दोगुने

मुनाफे की यह रकम करीब 7 लाख करोड़ रुपए होती है, जो भारत के पूरे साल के रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा है।

जंग शुरू हुई तक कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल था। यह अप्रैल से जून के बीच 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। यानी, तेल कंपनियों ने इस दौरान करीब 23% मुनाफा कमाया।

पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स…

1. यमन में भारतीय जहाज पर हमला- यमन के पास लाल सागर में भारतीय झंडे वाले कारोबारी जहाज पर हमला हुआ है। जहाज ‘एमएसवी फैजे नूर-ए-औलिया’ हमले में डूब गया। सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को बचा लिया गया।

2. ईरान में विदेश मंत्री अब्बास अराघची को हटाने की तैयारी- ईरान के कुछ सांसद विदेश मंत्री अब्बास अराघची के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अमेरिका से बातचीत और संभावित समझौते ने देश के हितों को नुकसान पहुंचाया है।

3. राष्ट्रपति पजशकियान की ताकत घटी- इजराइली चैनल 14 की रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा, विदेश नीति और परमाणु कार्यक्रम जैसे अहम मामलों में अब राष्ट्रपति की भूमिका सीमित कर दी गई है। इन फैसलों में IRGC कमांडर अहमद वाहिदी की राय अंतिम मानी जाएगी।

4. अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से कच्चे तेल के दाम गिरे- होर्मुज स्ट्रेट पर समझौते की उम्मीद के बाद अमेरिकी WTI क्रूड करीब 5% गिरकर 76.32 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड भी 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे पहुंच गया।

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