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भारत ए की कप्तानी मिलने पर उत्साहित देवदत्त पडिक्कल, बोले- मुझे जिम्मेदारी लेना पसंद है

नई दिल्ली । पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ होने वाले चार-दिवसीय मैचों के लिए युवा और प्रतिभाशाली बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को भारत ए टीम की कमान सौंपी गई है। पडिक्कल अपनी इस नई भूमिका को लेकर बेहद उत्साहित हैं और उनका मानना है कि नेतृत्व क्षमता उन्हें अपने खेल को और बेहतर बनाने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि उन्हें जिम्मेदारी लेना बेहद पसंद है और कप्तानी जैसी भूमिका उन्हें मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है।

पडिक्कल ने 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में कर्नाटक का नेतृत्व करते हुए मूल्यवान अनुभव हासिल किया था, जहां उन्होंने लीग स्टेज के आखिर में कप्तान के रूप में पदभार संभाला और बल्ले व गेंद दोनों से प्रभावी प्रदर्शन किया। एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से पडिक्कल ने कहा, भारत ए टीम का कप्तान बनना एक शानदार अवसर है और मैं इसके लिए बहुत उत्साहित हूं। मुझे लगता है कि नेतृत्व एक ऐसी चीज है जिसे करने में मुझे बहुत मजा आता है, खासकर पिछले साल कर्नाटक के साथ शुरुआत करते हुए।

यह मेरे लिए सीखने का एक शानदार मौका था, इसलिए मैं उस अनुभव को इंडिया ए के सेटअप में भी ले जाने के लिए उत्सुक हूं। उन्होंने आगे कहा कि कप्तानी बस एक अतिरिक्त जिम्मेदारी है कि वह मैदान पर जाकर यह पक्का करें कि वह टीम की मदद कर रहे हैं। पडिक्कल ने हमेशा क्रिकेट इसी तरह खेला है, और वह हमेशा यह पक्का करना चाहते हैं कि टीम जीते। एक कप्तान के तौर पर, उनका पूरा फोकस यही होता है कि वह टीम को जीत दिलाएं, और उनका मानना है कि यह सोच उनकी बल्लेबाजी को और भी अधिक मदद करती है।

पडिक्कल की नियुक्ति रेड-बॉल क्रिकेट में उनके शानदार फॉर्म को देखते हुए की गई है। हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ हुई टेस्ट सीरीज में इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने भारत की तरफ से सबसे सफल बल्लेबाज बनकर उभरे थे, जहां उन्होंने तीन पारियों में 328 रन बनाते हुए दो शतक भी लगाए थे।

उनकी यह फॉर्म और नेतृत्व क्षमता भारत ए टीम के लिए ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ महत्वपूर्ण साबित होगी, क्योंकि वह टीम को जीत की राह पर ले जाने का प्रयास करेंगे। पडिक्कल का यह मानना कि जिम्मेदारी उन्हें बेहतर बल्लेबाज बनाती है, उनकी परिपक्वता और खेल के प्रति गहरे समर्पण को दर्शाता है, जिससे भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए भी सकारात्मक संकेत मिलते हैं।




इंदौर प्रेस क्लब में गणेशोत्सव , विराजित होंगे.. प्रेस क्लब के राजा.., पत्रकारों के बच्चों की सांस्कृतिक प्रतिभाओं का सजेगा मंच

इन्दौरशहर के पत्रकारों की अधिकृत संस्था इंदौर प्रेस क्लब में हर साल की तरह इस बार भी विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की स्थापना 14 सितंबर, सोमवार को सुबह 11.45 बजे की जाएगी। इस बार गणेश उत्सव को सांस्कृतिक व पारंपरिक गरिमा के साथ-साथ अत्यंत भव्य और उत्सवी अंदाज में मनाने का निर्णय लिया है।

इंदौर । प्रेस क्लब अध्यक्ष दीपक कर्दम एवं महासचिव प्रदीप जोशी ने बताया कि प्रेस क्लब के राजा के रूप में स्थापित होने वाले मंगलमूर्ति श्री गणेश जी के इस पावन उत्सव में प्रतिदिन भव्य आरती और विशेष पूजन-अर्चना के कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस गणेशोत्सव का मुख्य आकर्षण पत्रकार साथियों के होनहार बच्चों के लिए आयोजित किए जाने वाले विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम रहेंगे।

उन्होंने सभी पत्रकार साथियों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को इस उत्सवी मंच से अवश्य जोड़ें। यदि आपके बच्चे गायन, वादन या नृत्य की कला में रुचि रखते हैं अथवा पारंगत हैं, तो उन्हें इंदौर प्रेस क्लब के राजा गणेशोत्सव की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

इस आयोजन के माध्यम से जहां एक ओर बच्चों को अपनी प्रतिभा उजागर करने का बेहतरीन मंच मिलेगा, वहीं दूसरी ओर पूरा प्रेस क्लब परिवार अपने साथियों के बच्चों के अद्भुत हुनर से रूबरू हो सकेगा। कार्यक्रम में अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले हुनरमंद बच्चों को इंदौर प्रेस क्लब की ओर से आकर्षक पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित भी किया जाएगा।


ड्रेगन का संदेश: हम अच्छे पड़ोसी रहेंगे, एक-दूसरे की मदद करेंगे

भारत के लिए चीन से आया महत्वपूर्ण संदेश

बीजिंग। ब्रिक्स समिट 2026 के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा से ठीक पहले चीन की ओर से एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया गया है। चीन ने कहा है कि वह भारत के साथ अच्छे पड़ोसी और एक-दूसरे की सफलता में मदद करने वाले साझेदार के रूप में आगे बढ़ना चाहता है। जिनपिंग 7 साल बाद भारत के दौरे पर आ रहे हैं और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता भी होनी है। यह दोनों नेताओं की लगातार तीसरे साल होने वाली मुलाकात होगी, जो रूस के कज़ान और तियानजिन में हुई पिछली मुलाकातों के बाद हो रही है।

चीनी पक्ष ने इस बात पर जोर दिया है कि वह दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन को आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा। इसका मुख्य मकसद दोनों देशों के रिश्तों को रणनीतिक स्तर पर मजबूत करना और उन्हें दीर्घकालिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाना है। चीन और भारत के बीच संचार बढ़ाने और सहयोग मजबूत करने की दिशा में विशेष रूप से काम किया जाएगा।

चीन ने स्पष्ट किया है कि दोनों पक्ष मतभेदों को उचित तरीके से संभालने और द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर रखने पर जोर देंगे। यह प्रतिबद्धता ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में कई उतार-चढ़ाव देखे गए हैं, खासकर सीमा विवाद के कारण तनाव भी रहा है।

चीन की ओर से भारत के साथ सहयोग और अच्छे पड़ोसी की तरह आगे बढ़ने की बात काफी अहम मानी जा रही है। इसे चीन के एक स्पष्ट संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि सीमा या अन्य मुद्दों पर मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन इन मतभेदों का असर पूरे द्विपक्षीय रिश्ते पर नहीं पड़ना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की इस मुलाकात पर सिर्फ भारत और चीन ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की नजर है। इसकी वजह दोनों देशों की बड़ी आर्थिक और रणनीतिक ताकत है।

भारत और चीन एशिया की दो सबसे बड़ी शक्तियां हैं, और उनके बीच व्यापार व आर्थिक रिश्ते भी काफी अहम हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक में सीमा से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ व्यापार, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है। चीन का यह संदेश शी जिनपिंग के भारत पहुंचने से ठीक पहले आया है, इसलिए इसे बीजिंग के रिश्तों को लेकर रुख के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।



बंद रहे बैंक, कामकाज रहा ठप्प

 राष्ट्रव्यापी आव्हान पर बैंककर्मियों ने रखी एक दिन की हड़ताल, केंद्र के खिलाफ नारेबाजी, प्रदर्शन

 जबलपुर, । यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान बैंक अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय हड़ताल का आज शुक्रवार को संस्कारधानी जबलपुर में भी असर देखने मिला।

यहां भी बैंक अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्रव्यापी आव्हान पर हड़ताल पर उतर आए। इसी सिलसिले में पूर्वान्ह 10 बजे शहीद स्मारक गोल बाजार में सैकड़ों बैंककर्मियों ने इकटठा होकर जोरदार नारेबाजी की केंद्र सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के खिलाफ मोर्चा खोला। संगठन के स्थानीय संयोजक अभिषेक कुमार सिन्हा और उप महासचिव प्रशांत खरे के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह तुरंत प्रभाव से लागू करने और भेदभावपूर्ण परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव नीति को वापस लेने की पुरजोर मांग उठाई।

इस दौरान चंदन कुमार, दीपशिखा पटेल, एच.पी. पटेल, प्रमोद बोरकर, विकास श्रीवास्तव, पंकज कुमार, आशीष खरे, तनिष्क सिंह, आकाश डिंगोनिया, सुशील गुप्ता, दिनेश वर्कड़े, सचिन पटेल, मोहित रिंगे, राकेश गुप्ता और प्रकाश रहंगडाले सहित कई बैंककर्मी उपस्थित रहे।

गोल बाजार में सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बैंककर्मी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली बुनियादी रीढ़ हैं, लेकिन उनके सेवा हितों और लंबित मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने दो-टूक शब्दों में कहा कि यदि वित्तीय प्रबंधन ने इन जायज मुद्दों का अविलंब और सकारात्मक समाधान नहीं निकाला, तो आंदोलन को देश स्तर पर तेज किया जाएगा।

इसी कड़ी में 28, 29 एवं 30 सितंबर 2026 को तीन दिनों की देशव्यापी तालाबंदी का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके बाद भी मांगों की अनदेखी जारी रहने पर 26 अक्टूबर 2026 से बैंकिंग व्यवस्था को पूरी तरह ठप करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। प्रदर्शन के समापन पर स्टेट बैंक अधिकारी संघ और एसबीआई अवॉर्ड स्टाफ एम्प्लॉइज़ यूनियन सहित विभिन्न वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि कामकाज के घंटों में सुधार और इंसेंटिव के नाम पर कर्मचारियों के बीच भेदभाव कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे दिन चले इस सांकेतिक विरोध प्रदर्शन के चलते नगर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में सामान्य बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। फोरम की जिला इकाई ने सभी साथी कर्मचारियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य के बड़े आंदोलन के लिए लामबंद रहने का आह्वान किया।


ताजा खबर

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 राष्ट्रव्यापी आव्हान पर बैंककर्मियों ने रखी एक दिन की हड़ताल, केंद्र के खिलाफ नारेबाजी, प्रदर्शन

 जबलपुर, । यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान बैंक अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय हड़ताल का आज शुक्रवार को संस्कारधानी जबलपुर में भी असर देखने मिला।

यहां भी बैंक अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्रव्यापी आव्हान पर हड़ताल पर उतर आए। इसी सिलसिले में पूर्वान्ह 10 बजे शहीद स्मारक गोल बाजार में सैकड़ों बैंककर्मियों ने इकटठा होकर जोरदार नारेबाजी की केंद्र सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के खिलाफ मोर्चा खोला। संगठन के स्थानीय संयोजक अभिषेक कुमार सिन्हा और उप महासचिव प्रशांत खरे के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह तुरंत प्रभाव से लागू करने और भेदभावपूर्ण परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव नीति को वापस लेने की पुरजोर मांग उठाई।

इस दौरान चंदन कुमार, दीपशिखा पटेल, एच.पी. पटेल, प्रमोद बोरकर, विकास श्रीवास्तव, पंकज कुमार, आशीष खरे, तनिष्क सिंह, आकाश डिंगोनिया, सुशील गुप्ता, दिनेश वर्कड़े, सचिन पटेल, मोहित रिंगे, राकेश गुप्ता और प्रकाश रहंगडाले सहित कई बैंककर्मी उपस्थित रहे।

गोल बाजार में सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बैंककर्मी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली बुनियादी रीढ़ हैं, लेकिन उनके सेवा हितों और लंबित मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने दो-टूक शब्दों में कहा कि यदि वित्तीय प्रबंधन ने इन जायज मुद्दों का अविलंब और सकारात्मक समाधान नहीं निकाला, तो आंदोलन को देश स्तर पर तेज किया जाएगा।

इसी कड़ी में 28, 29 एवं 30 सितंबर 2026 को तीन दिनों की देशव्यापी तालाबंदी का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके बाद भी मांगों की अनदेखी जारी रहने पर 26 अक्टूबर 2026 से बैंकिंग व्यवस्था को पूरी तरह ठप करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। प्रदर्शन के समापन पर स्टेट बैंक अधिकारी संघ और एसबीआई अवॉर्ड स्टाफ एम्प्लॉइज़ यूनियन सहित विभिन्न वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि कामकाज के घंटों में सुधार और इंसेंटिव के नाम पर कर्मचारियों के बीच भेदभाव कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे दिन चले इस सांकेतिक विरोध प्रदर्शन के चलते नगर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में सामान्य बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। फोरम की जिला इकाई ने सभी साथी कर्मचारियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य के बड़े आंदोलन के लिए लामबंद रहने का आह्वान किया।


इंदौर प्रेस क्लब में गणेशोत्सव , विराजित होंगे.. प्रेस क्लब के राजा.., पत्रकारों के बच्चों की सांस्कृतिक प्रतिभाओं का सजेगा मंच

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 जबलपुर, । यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान बैंक अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय हड़ताल का आज शुक्रवार को संस्कारधानी जबलपुर में भी असर देखने मिला।

यहां भी बैंक अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्रव्यापी आव्हान पर हड़ताल पर उतर आए। इसी सिलसिले में पूर्वान्ह 10 बजे शहीद स्मारक गोल बाजार में सैकड़ों बैंककर्मियों ने इकटठा होकर जोरदार नारेबाजी की केंद्र सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के खिलाफ मोर्चा खोला। संगठन के स्थानीय संयोजक अभिषेक कुमार सिन्हा और उप महासचिव प्रशांत खरे के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह तुरंत प्रभाव से लागू करने और भेदभावपूर्ण परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव नीति को वापस लेने की पुरजोर मांग उठाई।

इस दौरान चंदन कुमार, दीपशिखा पटेल, एच.पी. पटेल, प्रमोद बोरकर, विकास श्रीवास्तव, पंकज कुमार, आशीष खरे, तनिष्क सिंह, आकाश डिंगोनिया, सुशील गुप्ता, दिनेश वर्कड़े, सचिन पटेल, मोहित रिंगे, राकेश गुप्ता और प्रकाश रहंगडाले सहित कई बैंककर्मी उपस्थित रहे।

गोल बाजार में सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बैंककर्मी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली बुनियादी रीढ़ हैं, लेकिन उनके सेवा हितों और लंबित मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने दो-टूक शब्दों में कहा कि यदि वित्तीय प्रबंधन ने इन जायज मुद्दों का अविलंब और सकारात्मक समाधान नहीं निकाला, तो आंदोलन को देश स्तर पर तेज किया जाएगा।

इसी कड़ी में 28, 29 एवं 30 सितंबर 2026 को तीन दिनों की देशव्यापी तालाबंदी का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके बाद भी मांगों की अनदेखी जारी रहने पर 26 अक्टूबर 2026 से बैंकिंग व्यवस्था को पूरी तरह ठप करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। प्रदर्शन के समापन पर स्टेट बैंक अधिकारी संघ और एसबीआई अवॉर्ड स्टाफ एम्प्लॉइज़ यूनियन सहित विभिन्न वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि कामकाज के घंटों में सुधार और इंसेंटिव के नाम पर कर्मचारियों के बीच भेदभाव कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे दिन चले इस सांकेतिक विरोध प्रदर्शन के चलते नगर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में सामान्य बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। फोरम की जिला इकाई ने सभी साथी कर्मचारियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य के बड़े आंदोलन के लिए लामबंद रहने का आह्वान किया।


ड्रेगन का संदेश: हम अच्छे पड़ोसी रहेंगे, एक-दूसरे की मदद करेंगे

 राष्ट्रव्यापी आव्हान पर बैंककर्मियों ने रखी एक दिन की हड़ताल, केंद्र के खिलाफ नारेबाजी, प्रदर्शन

 जबलपुर, । यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान बैंक अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय हड़ताल का आज शुक्रवार को संस्कारधानी जबलपुर में भी असर देखने मिला।

यहां भी बैंक अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्रव्यापी आव्हान पर हड़ताल पर उतर आए। इसी सिलसिले में पूर्वान्ह 10 बजे शहीद स्मारक गोल बाजार में सैकड़ों बैंककर्मियों ने इकटठा होकर जोरदार नारेबाजी की केंद्र सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के खिलाफ मोर्चा खोला। संगठन के स्थानीय संयोजक अभिषेक कुमार सिन्हा और उप महासचिव प्रशांत खरे के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह तुरंत प्रभाव से लागू करने और भेदभावपूर्ण परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव नीति को वापस लेने की पुरजोर मांग उठाई।

इस दौरान चंदन कुमार, दीपशिखा पटेल, एच.पी. पटेल, प्रमोद बोरकर, विकास श्रीवास्तव, पंकज कुमार, आशीष खरे, तनिष्क सिंह, आकाश डिंगोनिया, सुशील गुप्ता, दिनेश वर्कड़े, सचिन पटेल, मोहित रिंगे, राकेश गुप्ता और प्रकाश रहंगडाले सहित कई बैंककर्मी उपस्थित रहे।

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इसी कड़ी में 28, 29 एवं 30 सितंबर 2026 को तीन दिनों की देशव्यापी तालाबंदी का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके बाद भी मांगों की अनदेखी जारी रहने पर 26 अक्टूबर 2026 से बैंकिंग व्यवस्था को पूरी तरह ठप करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। प्रदर्शन के समापन पर स्टेट बैंक अधिकारी संघ और एसबीआई अवॉर्ड स्टाफ एम्प्लॉइज़ यूनियन सहित विभिन्न वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि कामकाज के घंटों में सुधार और इंसेंटिव के नाम पर कर्मचारियों के बीच भेदभाव कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे दिन चले इस सांकेतिक विरोध प्रदर्शन के चलते नगर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में सामान्य बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। फोरम की जिला इकाई ने सभी साथी कर्मचारियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य के बड़े आंदोलन के लिए लामबंद रहने का आह्वान किया।


बंद रहे बैंक, कामकाज रहा ठप्प

 राष्ट्रव्यापी आव्हान पर बैंककर्मियों ने रखी एक दिन की हड़ताल, केंद्र के खिलाफ नारेबाजी, प्रदर्शन

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यहां भी बैंक अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्रव्यापी आव्हान पर हड़ताल पर उतर आए। इसी सिलसिले में पूर्वान्ह 10 बजे शहीद स्मारक गोल बाजार में सैकड़ों बैंककर्मियों ने इकटठा होकर जोरदार नारेबाजी की केंद्र सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के खिलाफ मोर्चा खोला। संगठन के स्थानीय संयोजक अभिषेक कुमार सिन्हा और उप महासचिव प्रशांत खरे के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह तुरंत प्रभाव से लागू करने और भेदभावपूर्ण परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव नीति को वापस लेने की पुरजोर मांग उठाई।

इस दौरान चंदन कुमार, दीपशिखा पटेल, एच.पी. पटेल, प्रमोद बोरकर, विकास श्रीवास्तव, पंकज कुमार, आशीष खरे, तनिष्क सिंह, आकाश डिंगोनिया, सुशील गुप्ता, दिनेश वर्कड़े, सचिन पटेल, मोहित रिंगे, राकेश गुप्ता और प्रकाश रहंगडाले सहित कई बैंककर्मी उपस्थित रहे।

गोल बाजार में सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बैंककर्मी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली बुनियादी रीढ़ हैं, लेकिन उनके सेवा हितों और लंबित मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने दो-टूक शब्दों में कहा कि यदि वित्तीय प्रबंधन ने इन जायज मुद्दों का अविलंब और सकारात्मक समाधान नहीं निकाला, तो आंदोलन को देश स्तर पर तेज किया जाएगा।

इसी कड़ी में 28, 29 एवं 30 सितंबर 2026 को तीन दिनों की देशव्यापी तालाबंदी का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके बाद भी मांगों की अनदेखी जारी रहने पर 26 अक्टूबर 2026 से बैंकिंग व्यवस्था को पूरी तरह ठप करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। प्रदर्शन के समापन पर स्टेट बैंक अधिकारी संघ और एसबीआई अवॉर्ड स्टाफ एम्प्लॉइज़ यूनियन सहित विभिन्न वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि कामकाज के घंटों में सुधार और इंसेंटिव के नाम पर कर्मचारियों के बीच भेदभाव कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे दिन चले इस सांकेतिक विरोध प्रदर्शन के चलते नगर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में सामान्य बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। फोरम की जिला इकाई ने सभी साथी कर्मचारियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य के बड़े आंदोलन के लिए लामबंद रहने का आह्वान किया।


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