- 17-18 अगस्त को आयोजित होगा सम्मेलन, 125 शीर्ष अधिकारी लेंगे भाग
नई दिल्ली (ईएमएस)। वित्त मंत्रालय अगले सप्ताह सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) और वित्तीय संस्थानों के लिए दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। 17 और 18 अगस्त को होने वाले इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी। इसका उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र की कार्यप्रणाली में सुधार लाना, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना और जमा बढ़ाने से लेकर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को ऋण देने जैसे सात प्रमुख बिंदुओं पर एक प्रभावी रणनीति तैयार करना है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी), नाबार्ड, सिडबी, निर्यात-आयात बैंक (एक्जिम बैंक) सहित विभिन्न प्रमुख वित्तीय संस्थानों के लगभग 125 शीर्ष अधिकारी हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन भाग लेने वाले संस्थानों को बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करने, बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले कदमों की पहचान करने और बैंक क्षेत्र के लिए समयबद्ध तथा व्यावहारिक रणनीति तैयार करने का मंच उपलब्ध कराएगा।
सम्मेलन में जिन सात प्रमुख विषयों पर मंथन होगा, उनमें जमा राशि जुटाना (ताकि सस्ते ऋण मिल सकें), युवाओं के लिए बैंकिंग सेवाएं, निवेश चक्र को समर्थन (खासकर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए), वैश्विक क्षमता केंद्रों को सहयोग, कृषि और बागवानी मूल्य श्रृंखला के लिए बुनियादी ढांचा, क्रेडिट कार्ड कारोबार को नए सिरे से विकसित करना और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को ऋण देना शामिल हैं। प्रत्येक विषय पर गहन चर्चा के लिए विशेष समूह बनाए जाएंगे, जो सफल उपायों की पहचान कर उन्हें पूरे बैंकिंग तंत्र में लागू करने की सिफारिश करेंगे।
स्वतंत्रता दिवस से पहले हाई अलर्ट
नई दिल्ली,। आगामी 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर देश की राजधानी नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी किया गया है। संभावित आतंकी खतरों और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाते हुए कड़े एहतियाती कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में पुलिस ने 19 कुख्यात आतंकवादियों के पोस्टर शहर के विभिन्न प्रमुख हिस्सों, सार्वजनिक स्थानों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में चस्पा किए हैं। इन पोस्टरों के जरिए आम जनता से इन वांछित संदिग्धों के बारे में जानकारी साझा करने की विशेष अपील की गई है।
जारी की गई इस सूची में इंडियन मुजाहिदीन, अल-कायदा और विभिन्न खालिस्तानी आतंकी संगठनों से जुड़े खतरनाक संदिग्धों के नाम और तस्वीरें शामिल हैं। इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े रियाज भटकल और शबांदरी मोहम्मद इकबाल उर्फ इकबाल भटकल का नाम इसमें प्रमुखता से है। इसके अलावा अल-कायदा से जुड़े मोहम्मद शर्जील अख्तर, अबू सुफियान और सैयद मोहम्मद अर्शियान भी इन पोस्टरों में शामिल हैं। खालिस्तानी आतंकी संगठनों से ताल्लुक रखने वाले कई वांछित चेहरे भी इस सूची का हिस्सा हैं।
इनमें खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के रंजीत सिंह उर्फ नीता और परमजीत सिंह पम्मा, खालिस्तान टाइगर फोर्स से जुड़े अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला, तथा बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंडा, वधावा सिंह बब्बर और गुरमीत सिंह बग्गा के नाम व विवरण दिए गए हैं। पुलिस के अनुसार, राष्ट्रीय पर्वों के दौरान इस प्रकार की एहतियाती कार्रवाई हर साल की जाती है ताकि राष्ट्र विरोधी तत्वों के मंसूबों को समय रहते नाकाम किया जा सके। राजधानी की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए संवेदनशील इलाकों, प्रमुख बाजारों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षाबल हर आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्ति और वाहन की सघन जांच कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने देश के जिम्मेदार नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें इन पोस्टरों में शामिल किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के बारे में कोई भी सूचना मिले या वे कहीं दिखाई दें, तो तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति को उचित नकद इनाम दिया जाएगा और उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने के लिए आम नागरिक पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 112 या विशेष प्रकोष्ठ के संपर्क माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं।
जबलपुर,। जबलपुर जिला न्यायालय के विशेष न्यायाधीश मनीष सिंह ठाकुर की अदालत ने रिश्वत के एम मामले में सुनवाई के बाद इस मत के साथ सेल्स टैक्स विभाग के सहायक ग्रेड-टू प्रदीप कुमार श्रीवास्तव को दोषमुक्त कर दिया कि घूस लेते रंगे हाथ पकड़े जाने और रकम बरामद होने के बावजूद अभियोजन यदि यह साबित नहीं कर पाए कि आरोपित ने रिश्वत की मांग की थी, तो केवल रकम की बरामदगी के आधार पर दोषसिद्धि नहीं की जा सकती।
मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि लोकायुक्त जबलपुर ने संभागीय उपायुक्त, वाणिज्य कर कार्यालय में पदस्थ श्रीवास्तव को दो हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा था। आरोप था कि उसने एसोसिएटेड इलेक्ट्रिकल एजेंसी, मुंबई के अधिकृत प्रतिनिधि सुरेश कुमार गुप्ता से सेल्स टैक्स निर्धारण संबंधी फाइल दिखाने और प्रस्तुत करने के एवज में रिश्वत मांगी थी।
बचाव पक्ष की अधिवक्ता नम्रता के. अग्रवाल ने न्यायालय में तर्क दिया कि कथित रिश्वत मांगने की रिकार्डिंग में आरोपित की आवाज होने का तथ्य प्रमाणित नहीं हुआ। उन्होंने न्यायालय को अवगत कराया कि शिकायतकर्ता और आरोपी पूर्व परिचित थे तथा दोनों के बीच पहले विवाद भी हो चुका था। यही नहीं जिस फाइल को दिखाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप था, उससे संबंधित अपीलीय आदेश पूर्व में ही संबंधित जर्नल में प्रकाशित हो चुका था।
उभय पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायालय ने कहा कि पीसी एक्ट की धारा 20 के तहत उपधारणा के लिए आरोपित के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद होना अकेले पर्याप्त नहीं है। अभियोजन को असम्यक लाभ की मांग किए जाने का तथ्य भी प्रमाणित करना होगा। महज मुद्रा की बरामदगी से पीसी एक्ट की धारा-सात के तहत अपराध स्वतः गठित नहीं होता। इस मत के साथ पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने आरोपित को दोषमुक्त कर दिया।
-राज्यसभा की कार्यवाही भी हंगामे के चलते दोपहर 12 बजे तक स्थगित
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान केवल प्रश्नकाल ही होगा और यह व्यवस्था सभी सांसदों को दी गई है। उन्होंने कहा कि देश की जनता चाहती है कि संसद चले और सदन में चर्चा हो। अध्यक्ष ने सभी दलों के सांसदों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने का आग्रह किया। हालांकि, विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी रहा। स्थिति को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में भी हंगामा
लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी विपक्षी सांसदों के हंगामे का असर देखने को मिला। कार्यवाही शुरू होने के बाद विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध और नारेबाजी की। हंगामा बढ़ने के बाद राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
संसद में लगातार हो रहे गतिरोध के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर सदन की कार्यवाही बाधित करने के आरोप लगा रहे हैं। इससे पहले भी एनडीए सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ संसद परिसर में मार्च निकालकर आरोप लगाया था कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है। वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब और चर्चा की मांग कर रहा है।
-राज्यसभा की कार्यवाही भी हंगामे के चलते दोपहर 12 बजे तक स्थगित
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान केवल प्रश्नकाल ही होगा और यह व्यवस्था सभी सांसदों को दी गई है। उन्होंने कहा कि देश की जनता चाहती है कि संसद चले और सदन में चर्चा हो। अध्यक्ष ने सभी दलों के सांसदों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने का आग्रह किया। हालांकि, विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी रहा। स्थिति को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में भी हंगामा
लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी विपक्षी सांसदों के हंगामे का असर देखने को मिला। कार्यवाही शुरू होने के बाद विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध और नारेबाजी की। हंगामा बढ़ने के बाद राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
संसद में लगातार हो रहे गतिरोध के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर सदन की कार्यवाही बाधित करने के आरोप लगा रहे हैं। इससे पहले भी एनडीए सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ संसद परिसर में मार्च निकालकर आरोप लगाया था कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है। वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब और चर्चा की मांग कर रहा है।
-राज्यसभा की कार्यवाही भी हंगामे के चलते दोपहर 12 बजे तक स्थगित
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान केवल प्रश्नकाल ही होगा और यह व्यवस्था सभी सांसदों को दी गई है। उन्होंने कहा कि देश की जनता चाहती है कि संसद चले और सदन में चर्चा हो। अध्यक्ष ने सभी दलों के सांसदों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने का आग्रह किया। हालांकि, विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी रहा। स्थिति को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में भी हंगामा
लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी विपक्षी सांसदों के हंगामे का असर देखने को मिला। कार्यवाही शुरू होने के बाद विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध और नारेबाजी की। हंगामा बढ़ने के बाद राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
संसद में लगातार हो रहे गतिरोध के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर सदन की कार्यवाही बाधित करने के आरोप लगा रहे हैं। इससे पहले भी एनडीए सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ संसद परिसर में मार्च निकालकर आरोप लगाया था कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है। वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब और चर्चा की मांग कर रहा है।
-राज्यसभा की कार्यवाही भी हंगामे के चलते दोपहर 12 बजे तक स्थगित
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान केवल प्रश्नकाल ही होगा और यह व्यवस्था सभी सांसदों को दी गई है। उन्होंने कहा कि देश की जनता चाहती है कि संसद चले और सदन में चर्चा हो। अध्यक्ष ने सभी दलों के सांसदों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने का आग्रह किया। हालांकि, विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी रहा। स्थिति को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में भी हंगामा
लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी विपक्षी सांसदों के हंगामे का असर देखने को मिला। कार्यवाही शुरू होने के बाद विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध और नारेबाजी की। हंगामा बढ़ने के बाद राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
संसद में लगातार हो रहे गतिरोध के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर सदन की कार्यवाही बाधित करने के आरोप लगा रहे हैं। इससे पहले भी एनडीए सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ संसद परिसर में मार्च निकालकर आरोप लगाया था कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है। वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब और चर्चा की मांग कर रहा है।
-राज्यसभा की कार्यवाही भी हंगामे के चलते दोपहर 12 बजे तक स्थगित
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान केवल प्रश्नकाल ही होगा और यह व्यवस्था सभी सांसदों को दी गई है। उन्होंने कहा कि देश की जनता चाहती है कि संसद चले और सदन में चर्चा हो। अध्यक्ष ने सभी दलों के सांसदों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने का आग्रह किया। हालांकि, विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी रहा। स्थिति को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में भी हंगामा
लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी विपक्षी सांसदों के हंगामे का असर देखने को मिला। कार्यवाही शुरू होने के बाद विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध और नारेबाजी की। हंगामा बढ़ने के बाद राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
संसद में लगातार हो रहे गतिरोध के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर सदन की कार्यवाही बाधित करने के आरोप लगा रहे हैं। इससे पहले भी एनडीए सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ संसद परिसर में मार्च निकालकर आरोप लगाया था कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है। वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब और चर्चा की मांग कर रहा है।