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ईरान जंग में 6 तेल कंपनियों ने $81 अरब कमाए:यह भारत के रक्षा बजट के बराबर; इस दौरान कच्चा तेल 23% महंगा

ईरान जंग शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं तो दुनियाभर में महंगाई भी बढ़ गई। इस दौरान अप्रैल से जून के बीच दुनिया की 6 सबसे बड़ी तेल कंपनियों ने रिकॉर्ड 81 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया। अल जजीरा की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

6 बड़ी तेल कंपनियों ने कितना कमाया ? सऊदी अरामको मुनाफा: 32.69 अरब डॉलर सालाना आधार पर 44% की बढ़ोतरी। एक्सॉनमोबिल मुनाफा: 14.5 अरब डॉलर पिछले 4 वर्षों का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा । शेवरॉन मुनाफा: 12 अरब डॉलर पिछले 6 वर्षों का सबसे मजबूत तिमाही प्रदर्शन । शेल मुनाफा: करीब 10 अरब डॉलर पिछले साल के मुकाबले कमाई दोगुने से ज्यादा रही। टोटलएनर्जीज दूसरी तिमाही में मुनाफा 67% बढ़ा। लगभग 3 वर्षों का सबसे अच्छा प्रदर्शन। बीपी मुनाफा: 5.73 अरब डॉलर एक साल पहले के मुकाबले दोगुने

मुनाफे की यह रकम करीब 7 लाख करोड़ रुपए होती है, जो भारत के पूरे साल के रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा है।

जंग शुरू हुई तक कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल था। यह अप्रैल से जून के बीच 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। यानी, तेल कंपनियों ने इस दौरान करीब 23% मुनाफा कमाया।

पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स…

1. यमन में भारतीय जहाज पर हमला- यमन के पास लाल सागर में भारतीय झंडे वाले कारोबारी जहाज पर हमला हुआ है। जहाज ‘एमएसवी फैजे नूर-ए-औलिया’ हमले में डूब गया। सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को बचा लिया गया।

2. ईरान में विदेश मंत्री अब्बास अराघची को हटाने की तैयारी- ईरान के कुछ सांसद विदेश मंत्री अब्बास अराघची के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अमेरिका से बातचीत और संभावित समझौते ने देश के हितों को नुकसान पहुंचाया है।

3. राष्ट्रपति पजशकियान की ताकत घटी- इजराइली चैनल 14 की रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा, विदेश नीति और परमाणु कार्यक्रम जैसे अहम मामलों में अब राष्ट्रपति की भूमिका सीमित कर दी गई है। इन फैसलों में IRGC कमांडर अहमद वाहिदी की राय अंतिम मानी जाएगी।

4. अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से कच्चे तेल के दाम गिरे- होर्मुज स्ट्रेट पर समझौते की उम्मीद के बाद अमेरिकी WTI क्रूड करीब 5% गिरकर 76.32 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड भी 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे पहुंच गया।

शेयर बाजार तेजी के साथ खुला

मुम्बई। भारतीय शेयर बाजार बुधवार को तेजी के साथ खुला। सप्ताह के तीसरे ही कारोबारी दिन बाजार की सकारात्मक शुरुआत हुई। बाजार में ये उछाल घरेलू स्तर पर रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसले से पहले निवेशकों की खरीदारी के चलते आई है। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच शीर्ष समझौते की उम्मीद से भी बाजार ऊपर आया है।

निवेशकों की नजरें आरबीआई की एमपीसी बैठक के परिणामों पर टिकी हैं। बाजार को उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक इस बार रीपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा और यथास्थिति बनाए रखेगा। सुबह कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 490.67 अंक की बढ़त के साथ ही 78,919.62 पर कारोबार करता दिखा जबकि एनएसई निफ्टी तकरीबन 29.60 अंक बढ़कर  24,643.90 के स्तर पर पहुंच गया।

आज कारोबार के दौरान 

निफ्टी50 इंडेक्स में इंटरग्लोब एविएशन, लार्सन एंड टुब्रो और श्रीराम फाइनेंस के शेयर सबसे ज्यादा तेजी रही। इसके साथ ही मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ ब्रॉडर मार्केट में भी मजबूती आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.32 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.72 फीसदी की बढ़त रही।आज रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा मजबूती आई। निफ्टी रियल्टी करीब 2 फीसदी की तेजी के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा।

इसके अलावा निफ्टी ऑटो और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में भी अच्छी खरीदारी रही। दूसरी ओर निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी फार्मा सेक्टर अन्य सेक्टरों की तुलना में कम खरीददारी रही। आज कई बड़ी कंपनियां अप्रैल-जून तिमाही के परिणाम आयेंगे। इसमें पावर ग्रिड कॉरपोरेश्न ऑफ इंडिया, पीबी फिनटेक, पावर कारपोरेशा ऑफ इंडिया, बर्जर पेंट सहित कई कंपनियां हैं। 



अगस्त में महिंद्रा, स्कोडा और एमजी लॉन्च करेंगी कई मॉडल

नई दिल्ली । कई प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां चालू महीने अपने नए मॉडल लॉन्च करेंगी, जबकि कुछ लोकप्रिय कारों के फेसलिफ्ट और अपडेटेड संस्करण भी बाजार में उतारे जाएंगे। इस लिहाज से देखा जाए तो भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लिए अगस्त महीना काफी व्यस्त रहने वाला है। महिंद्रा, स्कोडा और जेएसडब्ल्यू एमजी जैसी कंपनियां नई तकनीक और आधुनिक फीचर्स से लैस वाहनों के साथ ग्राहकों को आकर्षित करने की तैयारी में हैं। महिंद्रा 15 अगस्त को कई बड़े उत्पाद पेश कर सकती है। इनमें सबसे चर्चित स्कॉर्पियो एन फेसलिफ्ट है, जिसमें नए ड्यूल-टोन अलॉय व्हील, बड़ा टैबलेट-स्टाइल इंफोटेनमेंट सिस्टम, 10.25 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और बदला हुआ सेंटर कंसोल मिलने की संभावना है।

इसी दिन कंपनी अपनी इलेक्ट्रिक एसयूवी बीई 6 का अपडेटेड संस्करण भी पेश कर सकती है। इसमें ट्रिपल-स्क्रीन सेटअप, नया इंटीरियर और ब्लैक-एंड-टैन अपहोल्स्ट्री जैसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। महिंद्रा की नई विजन एस कॉन्सेप्ट आधारित एसयूवी से भी 15 अगस्त को पर्दा उठने की उम्मीद है। यह मॉडल पेट्रोल, डीजल, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक पावरट्रेन विकल्पों के साथ भविष्य में बाजार में उतारा जा सकता है। इसे कंपनी की एक्सयूवी 3एक्सओ और बड़े मॉडलों के बीच स्थान मिलने की संभावना है। 

स्कोडा 18 अगस्त को स्लाविया फेसलिफ्ट लॉन्च करेगी। इसमें नई फ्रंट ग्रिल, एलईडी लाइटिंग, नए बंपर, डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, अपडेटेड इंटीरियर और अतिरिक्त आरामदायक फीचर्स दिए जा सकते हैं। वहीं जेएसडब्ल्यू एमजी भी अगस्त में नए इलेक्ट्रिक और प्लग-इन हाइब्रिड स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन पेश करने की तैयारी में है।

ये मॉडल कंपनी के एडवांस्ड प्लेटफॉर्म पर आधारित होंगे और इनका मुकाबला महिंद्रा तथा टाटा के लोकप्रिय मॉडलों से रहेगा। इसके अलावा वुलिंग एक्शियन आधारित इलेक्ट्रिक मॉडल में 69 किलोवाट-घंटा बैटरी पैक, लगभग 600 किलोमीटर की रेंज और 201 हॉर्सपावर की क्षमता मिलने की संभावना है। वहीं प्लग-इन हाइब्रिड संस्करण में 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर का संयोजन होगा। 




सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल

\नई दिल्ली । घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी दर्ज की गई है। निवेशकों के बढ़ते भरोसे और कुछ महत्वपूर्ण वैश्विक आर्थिक संकेतों ने इन कीमती धातुओं को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। विशेष रूप से, चांदी लगातार तीसरे कारोबारी दिन बढ़त बनाए रखने में सफल रही है, जो बाजार में उसकी मजबूत मांग को दर्शाता है।

राजधानी नई दिल्ली के सराफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतें 1,42,900 प्रति 10 ग्राम के महत्वपूर्ण स्तर पर बनी हुई हैं, जो बाजार में मजबूत धारणा को दर्शाती हैं। हालांकि, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोना इस स्तर पर स्थिर कारोबार कर रहा है, लेकिन यह पिछले सत्रों की तेजी और कुल मिलाकर सकारात्मक रुझान को दर्शाता है। वहीं, चांदी ने अपनी चमक और बढ़ाई है, और अब यह 2,23,654 प्रति किलोग्राम के आंकड़े को पार कर गई है। चांदी की यह लगातार तीसरी दैनिक बढ़त बाजार में उसकी मजबूत मांग और निवेशकों की दिलचस्पी को उजागर करती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। सोने की कीमत 0.82 प्रतिशत उछलकर डॉलर 4,186 प्रति औंस पर पहुंच गई है, जबकि चांदी ने और भी तेज रफ्तार पकड़ी है। चांदी 1.30 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 61.03 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। वैश्विक स्तर पर इन धातुओं की बढ़ती कीमतें घरेलू बाजारों पर भी सीधा असर डाल रही हैं, जिससे भारतीय निवेशकों को भी लाभ मिल रहा है।

इस तेजी के पीछे कई आर्थिक कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं। प्रमुख रूप से, कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट ने निवेशकों के बीच महंगाई बढ़ने की चिंताओं को कुछ हद तक कम किया है। महंगाई कम होने की उम्मीद से सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्ति की मांग बढ़ती है, क्योंकि यह पारंपरिक रूप से मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव के रूप में देखा जाता है। इसके अतिरिक्त, निवेशकों को अब यह उम्मीद है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम हो सकती है। ब्याज दरों में कम बढ़ोतरी का मतलब है कि गैर-लाभकारी संपत्ति होने के बावजूद सोने में निवेश अधिक आकर्षक हो जाता है, क्योंकि इसकी अवसर लागत कम हो जाती है।

बाजार की निगाहें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों पर टिकी हैं। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से जुड़ी घोषणाएं और ब्याज दरों पर उसका रुख आने वाले समय में सोने की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जब तक ब्याज दरों को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बाजार में कुछ अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन मौजूदा संकेत सोने और चांदी के लिए सकारात्मक बने हुए हैं, जिससे आने वाले समय में भी इनकी कीमतों में और मजबूती देखने को मिल सकती है। निवेशक इस समय सतर्कता के साथ निवेश के अवसरों पर नजर बनाए हुए हैं।


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ईरान जंग में 6 तेल कंपनियों ने $81 अरब कमाए:यह भारत के रक्षा बजट के बराबर; इस दौरान कच्चा तेल 23% महंगा

\नई दिल्ली । घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी दर्ज की गई है। निवेशकों के बढ़ते भरोसे और कुछ महत्वपूर्ण वैश्विक आर्थिक संकेतों ने इन कीमती धातुओं को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। विशेष रूप से, चांदी लगातार तीसरे कारोबारी दिन बढ़त बनाए रखने में सफल रही है, जो बाजार में उसकी मजबूत मांग को दर्शाता है।

राजधानी नई दिल्ली के सराफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतें 1,42,900 प्रति 10 ग्राम के महत्वपूर्ण स्तर पर बनी हुई हैं, जो बाजार में मजबूत धारणा को दर्शाती हैं। हालांकि, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोना इस स्तर पर स्थिर कारोबार कर रहा है, लेकिन यह पिछले सत्रों की तेजी और कुल मिलाकर सकारात्मक रुझान को दर्शाता है। वहीं, चांदी ने अपनी चमक और बढ़ाई है, और अब यह 2,23,654 प्रति किलोग्राम के आंकड़े को पार कर गई है। चांदी की यह लगातार तीसरी दैनिक बढ़त बाजार में उसकी मजबूत मांग और निवेशकों की दिलचस्पी को उजागर करती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। सोने की कीमत 0.82 प्रतिशत उछलकर डॉलर 4,186 प्रति औंस पर पहुंच गई है, जबकि चांदी ने और भी तेज रफ्तार पकड़ी है। चांदी 1.30 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 61.03 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। वैश्विक स्तर पर इन धातुओं की बढ़ती कीमतें घरेलू बाजारों पर भी सीधा असर डाल रही हैं, जिससे भारतीय निवेशकों को भी लाभ मिल रहा है।

इस तेजी के पीछे कई आर्थिक कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं। प्रमुख रूप से, कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट ने निवेशकों के बीच महंगाई बढ़ने की चिंताओं को कुछ हद तक कम किया है। महंगाई कम होने की उम्मीद से सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्ति की मांग बढ़ती है, क्योंकि यह पारंपरिक रूप से मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव के रूप में देखा जाता है। इसके अतिरिक्त, निवेशकों को अब यह उम्मीद है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम हो सकती है। ब्याज दरों में कम बढ़ोतरी का मतलब है कि गैर-लाभकारी संपत्ति होने के बावजूद सोने में निवेश अधिक आकर्षक हो जाता है, क्योंकि इसकी अवसर लागत कम हो जाती है।

बाजार की निगाहें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों पर टिकी हैं। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से जुड़ी घोषणाएं और ब्याज दरों पर उसका रुख आने वाले समय में सोने की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जब तक ब्याज दरों को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बाजार में कुछ अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन मौजूदा संकेत सोने और चांदी के लिए सकारात्मक बने हुए हैं, जिससे आने वाले समय में भी इनकी कीमतों में और मजबूती देखने को मिल सकती है। निवेशक इस समय सतर्कता के साथ निवेश के अवसरों पर नजर बनाए हुए हैं।


महाभारत में अश्वत्थामा बने प्रदीप रावत का अंतिम संस्कार आज:लगान-गजनी जैसी कई फिल्मों में दिखे थे; कल कैंसर से निधन हुआ था

\नई दिल्ली । घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी दर्ज की गई है। निवेशकों के बढ़ते भरोसे और कुछ महत्वपूर्ण वैश्विक आर्थिक संकेतों ने इन कीमती धातुओं को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। विशेष रूप से, चांदी लगातार तीसरे कारोबारी दिन बढ़त बनाए रखने में सफल रही है, जो बाजार में उसकी मजबूत मांग को दर्शाता है।

राजधानी नई दिल्ली के सराफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतें 1,42,900 प्रति 10 ग्राम के महत्वपूर्ण स्तर पर बनी हुई हैं, जो बाजार में मजबूत धारणा को दर्शाती हैं। हालांकि, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोना इस स्तर पर स्थिर कारोबार कर रहा है, लेकिन यह पिछले सत्रों की तेजी और कुल मिलाकर सकारात्मक रुझान को दर्शाता है। वहीं, चांदी ने अपनी चमक और बढ़ाई है, और अब यह 2,23,654 प्रति किलोग्राम के आंकड़े को पार कर गई है। चांदी की यह लगातार तीसरी दैनिक बढ़त बाजार में उसकी मजबूत मांग और निवेशकों की दिलचस्पी को उजागर करती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। सोने की कीमत 0.82 प्रतिशत उछलकर डॉलर 4,186 प्रति औंस पर पहुंच गई है, जबकि चांदी ने और भी तेज रफ्तार पकड़ी है। चांदी 1.30 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 61.03 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। वैश्विक स्तर पर इन धातुओं की बढ़ती कीमतें घरेलू बाजारों पर भी सीधा असर डाल रही हैं, जिससे भारतीय निवेशकों को भी लाभ मिल रहा है।

इस तेजी के पीछे कई आर्थिक कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं। प्रमुख रूप से, कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट ने निवेशकों के बीच महंगाई बढ़ने की चिंताओं को कुछ हद तक कम किया है। महंगाई कम होने की उम्मीद से सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्ति की मांग बढ़ती है, क्योंकि यह पारंपरिक रूप से मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव के रूप में देखा जाता है। इसके अतिरिक्त, निवेशकों को अब यह उम्मीद है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम हो सकती है। ब्याज दरों में कम बढ़ोतरी का मतलब है कि गैर-लाभकारी संपत्ति होने के बावजूद सोने में निवेश अधिक आकर्षक हो जाता है, क्योंकि इसकी अवसर लागत कम हो जाती है।

बाजार की निगाहें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों पर टिकी हैं। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से जुड़ी घोषणाएं और ब्याज दरों पर उसका रुख आने वाले समय में सोने की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जब तक ब्याज दरों को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बाजार में कुछ अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन मौजूदा संकेत सोने और चांदी के लिए सकारात्मक बने हुए हैं, जिससे आने वाले समय में भी इनकी कीमतों में और मजबूती देखने को मिल सकती है। निवेशक इस समय सतर्कता के साथ निवेश के अवसरों पर नजर बनाए हुए हैं।


शेयर बाजार तेजी के साथ खुला

\नई दिल्ली । घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी दर्ज की गई है। निवेशकों के बढ़ते भरोसे और कुछ महत्वपूर्ण वैश्विक आर्थिक संकेतों ने इन कीमती धातुओं को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। विशेष रूप से, चांदी लगातार तीसरे कारोबारी दिन बढ़त बनाए रखने में सफल रही है, जो बाजार में उसकी मजबूत मांग को दर्शाता है।

राजधानी नई दिल्ली के सराफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतें 1,42,900 प्रति 10 ग्राम के महत्वपूर्ण स्तर पर बनी हुई हैं, जो बाजार में मजबूत धारणा को दर्शाती हैं। हालांकि, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोना इस स्तर पर स्थिर कारोबार कर रहा है, लेकिन यह पिछले सत्रों की तेजी और कुल मिलाकर सकारात्मक रुझान को दर्शाता है। वहीं, चांदी ने अपनी चमक और बढ़ाई है, और अब यह 2,23,654 प्रति किलोग्राम के आंकड़े को पार कर गई है। चांदी की यह लगातार तीसरी दैनिक बढ़त बाजार में उसकी मजबूत मांग और निवेशकों की दिलचस्पी को उजागर करती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। सोने की कीमत 0.82 प्रतिशत उछलकर डॉलर 4,186 प्रति औंस पर पहुंच गई है, जबकि चांदी ने और भी तेज रफ्तार पकड़ी है। चांदी 1.30 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 61.03 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। वैश्विक स्तर पर इन धातुओं की बढ़ती कीमतें घरेलू बाजारों पर भी सीधा असर डाल रही हैं, जिससे भारतीय निवेशकों को भी लाभ मिल रहा है।

इस तेजी के पीछे कई आर्थिक कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं। प्रमुख रूप से, कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट ने निवेशकों के बीच महंगाई बढ़ने की चिंताओं को कुछ हद तक कम किया है। महंगाई कम होने की उम्मीद से सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्ति की मांग बढ़ती है, क्योंकि यह पारंपरिक रूप से मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव के रूप में देखा जाता है। इसके अतिरिक्त, निवेशकों को अब यह उम्मीद है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम हो सकती है। ब्याज दरों में कम बढ़ोतरी का मतलब है कि गैर-लाभकारी संपत्ति होने के बावजूद सोने में निवेश अधिक आकर्षक हो जाता है, क्योंकि इसकी अवसर लागत कम हो जाती है।

बाजार की निगाहें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों पर टिकी हैं। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से जुड़ी घोषणाएं और ब्याज दरों पर उसका रुख आने वाले समय में सोने की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जब तक ब्याज दरों को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बाजार में कुछ अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन मौजूदा संकेत सोने और चांदी के लिए सकारात्मक बने हुए हैं, जिससे आने वाले समय में भी इनकी कीमतों में और मजबूती देखने को मिल सकती है। निवेशक इस समय सतर्कता के साथ निवेश के अवसरों पर नजर बनाए हुए हैं।


अगस्त में महिंद्रा, स्कोडा और एमजी लॉन्च करेंगी कई मॉडल

\नई दिल्ली । घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी दर्ज की गई है। निवेशकों के बढ़ते भरोसे और कुछ महत्वपूर्ण वैश्विक आर्थिक संकेतों ने इन कीमती धातुओं को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। विशेष रूप से, चांदी लगातार तीसरे कारोबारी दिन बढ़त बनाए रखने में सफल रही है, जो बाजार में उसकी मजबूत मांग को दर्शाता है।

राजधानी नई दिल्ली के सराफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतें 1,42,900 प्रति 10 ग्राम के महत्वपूर्ण स्तर पर बनी हुई हैं, जो बाजार में मजबूत धारणा को दर्शाती हैं। हालांकि, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोना इस स्तर पर स्थिर कारोबार कर रहा है, लेकिन यह पिछले सत्रों की तेजी और कुल मिलाकर सकारात्मक रुझान को दर्शाता है। वहीं, चांदी ने अपनी चमक और बढ़ाई है, और अब यह 2,23,654 प्रति किलोग्राम के आंकड़े को पार कर गई है। चांदी की यह लगातार तीसरी दैनिक बढ़त बाजार में उसकी मजबूत मांग और निवेशकों की दिलचस्पी को उजागर करती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। सोने की कीमत 0.82 प्रतिशत उछलकर डॉलर 4,186 प्रति औंस पर पहुंच गई है, जबकि चांदी ने और भी तेज रफ्तार पकड़ी है। चांदी 1.30 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 61.03 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। वैश्विक स्तर पर इन धातुओं की बढ़ती कीमतें घरेलू बाजारों पर भी सीधा असर डाल रही हैं, जिससे भारतीय निवेशकों को भी लाभ मिल रहा है।

इस तेजी के पीछे कई आर्थिक कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं। प्रमुख रूप से, कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट ने निवेशकों के बीच महंगाई बढ़ने की चिंताओं को कुछ हद तक कम किया है। महंगाई कम होने की उम्मीद से सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्ति की मांग बढ़ती है, क्योंकि यह पारंपरिक रूप से मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव के रूप में देखा जाता है। इसके अतिरिक्त, निवेशकों को अब यह उम्मीद है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम हो सकती है। ब्याज दरों में कम बढ़ोतरी का मतलब है कि गैर-लाभकारी संपत्ति होने के बावजूद सोने में निवेश अधिक आकर्षक हो जाता है, क्योंकि इसकी अवसर लागत कम हो जाती है।

बाजार की निगाहें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों पर टिकी हैं। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से जुड़ी घोषणाएं और ब्याज दरों पर उसका रुख आने वाले समय में सोने की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जब तक ब्याज दरों को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बाजार में कुछ अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन मौजूदा संकेत सोने और चांदी के लिए सकारात्मक बने हुए हैं, जिससे आने वाले समय में भी इनकी कीमतों में और मजबूती देखने को मिल सकती है। निवेशक इस समय सतर्कता के साथ निवेश के अवसरों पर नजर बनाए हुए हैं।


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