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सहवाग, द्रविड के बेटे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धूम मचाने तैयार

अंडर-19 एकदिवसीय और लाल गेंद सीरीज के लिए टीम घोषित 

मुम्बई । भारतीय टीम के दिग्गज पूर्व क्रिकेटरों वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ के बेटे अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंडर-19 क्रिकेट में धूम मचाने के लिए तैयार हैं। इन दोनो के ही बेटों का चयन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की अंडर-19 एकदिवसीय सीरीज के लिए किया गया है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की  जूनियर पुरुष चयन समिति ने इस घरेलू दौरे के लिए टीमें घोषित कर दी है। इस बार टीम पर सबकी नजरें रहेंगी क्योंकि दो महान खिलाड़ियों के बेटे भी इस बार राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने के लिए उतरेंगे। 

यह महत्वपूर्ण घरेलू सीरीज राजकोट में 18, 21 और 23 सितंबर को खेले जाने वाले तीन 50 ओवर के मैचों के साथ शुरू होगी। इसके बाद, राजकोट में ही 27 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय लाल गेंद वाला पहला मैच खेला जाएगा। वहीं दूसरा लाल गेंद वाला मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 5 से 8 अक्टूबर तक खेला जाएगा। यह कार्यक्रम युवा खिलाड़ियों को विभिन्न प्रारूपों में अपनी क्षमता साबित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव प्राप्त करने का एक शानदार अवसर प्रदान करेगा।

50 ओवर के मैचों के लिए उत्तराखंड के बल्लेबाज लक्ष्य रायचंदानी को टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जबकि मध्य प्रदेश के यशबर्धन चौहान उप-कप्तान की भूमिका निभाएंगे।

वहीं लाल गेंद वाले मैचों में कप्तानी यशबर्धन चौहान संभालेंगे और लक्ष्य रायचंदानी उनके उप-कप्तान होंगे। यह रणनीति खिलाड़ियों को विभिन्न प्रारूपों में नेतृत्व का अनुभव प्रदान करने और उनकी बहुमुखी प्रतिभा को परखने के उद्देश्य से अपनाई गई है, जिससे भविष्य के लिए एक बेहतर टीम तैयार की जा सके।

इसमें सहवाग के बेटे लेग स्पिन ऑलराउंडर आर्यवीर सहवाग को 15 सदस्यीय एकदिवीसय टीम में जगह मिली है हालांकि वह बहुदिवसीय मैचों के लिए चुनी गई टीम का हिस्सा नहीं हैं। आर्यवीर अभी साल 2026 दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) में वेस्ट दिल्ली लायंस के लिए खेल रहे हैं। 

वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज अन्वय द्रविड़ भी एकदिवसीय टीम में शामिल हैं पर तीन दिवसीय मुकाबलों की लाल गेंद वाली टीम में उनका नाम नहीं है। अन्वय ने जुलाई में श्रीलंका दौरे पर भारत की अंडर-19 टीम के लिए दो 50 ओवर के मैचों में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 101 रन बनाए थे। 

आर्यवीर और अन्वय के अलावा, 50 ओवर के मैचों के लिए मनल चौहान और चिगुरुपति वेंकट को टीम में शामिल किया गया है, जबकि सागर विर्क, अनमोलजीत सिंह और ईशान सूद को बाहर रखा गया है। बहु-दिवसीय खेलों की टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज अभिप्रय बिस्वास, ईशान ओम, अयान अकरम, मोहित उलवा और आर्यन यादव को शामिल किया गया है, उनकी जगह कुछ खिलाड़ियों को बाहर किया गया है, ]

जो टीम में निरंतर बदलाव और नई प्रतिभाओं को मौका देने की नीति को दर्शाता है। यह सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी क्षमता साबित करने और राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की दिशा में एक अहम मंच होगी।

एकदिवसीय मैचों के लिए भारत की अंडर-19 टीम : लक्ष्य रायचंदानी (कप्तान), यशबर्धन चौहान (उपकप्तान), रजत बघेल (विकेटकीपर), आर्यवीर सहवाग, वीके विनीत, कुशाग्र ओझा, अर्जुन राजपूत, मनल चौहान, अन्वय द्रविड़ (विकेटकीपर), वी. यशवीर, रोहित यादव, शाविन विनोद, मोहित उलवा, चिगुरुपति वेंकट और काव्या पटेल है।

तीन -दिवसीय मुकाबलों के लिए भारत की अंडर-19 टीम :  यशबर्धन चौहान (कप्तान), लक्ष्य रायचंदानी (उप-कप्तान), सागर विर्क, कुशाग्र ओझा, मनाल चौहान, कुश पटेल, मानव कृष्णा (विकेटकीपर), अभिप्राय विश्वास (विकेटकीपर), रोहित यादव, इशान ओम, अयान अकरम, प्रणव राघवेंद्र, प्रियांशु सिंह, मोहित उलवा और आर्यन यादव है। 




कृति सेनन विज्ञापन बढता देख ब्रांड ने मांगी माफी और अभियान हटाया

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन हाल ही में एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर विवादों में घिर गईं। विज्ञापन में कृति ऑफ-व्हाइट रंग के इंडो-वेस्टर्न परिधान में नजर आई थीं। उन्होंने ब्रालेट शैली का ब्लाउज, ड्रेप्ड स्कर्ट और केप पहना था। विज्ञापन सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने उनके पहनावे को रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहार के लिए अनुपयुक्त बताते हुए आलोचना शुरू कर दी।

देखते ही देखते यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गया और विज्ञापन को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। विवाद बढ़ने के बाद कृति सेनन ने 25 अगस्त को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी त्योहार की असली खूबसूरती केवल कपड़ों में नहीं होती, बल्कि उससे जुड़ी भावनाओं, परंपराओं और रिश्तों में होती है।

कृति ने रक्षाबंधन को प्रेम और सुरक्षा के बंधन का प्रतीक बताते हुए कहा कि इस त्योहार का महत्व भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं में है। उन्होंने अपने पालतू कुत्तों को भी परिवार का हिस्सा बताया और उनके प्रति सुरक्षा तथा देखभाल की भावना का जिक्र किया।

कृति ने महिलाओं के पहनावे को लेकर समाज की सोच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आखिर महिलाओं को यह बताना कब बंद किया जाएगा कि उन्हें क्या पहनना चाहिए। उनके मुताबिक समय के साथ भारतीय और एथनिक फैशन में काफी बदलाव आया है, लेकिन आज भी महिलाओं के संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान को उनके कपड़ों से जोड़कर देखा जाता है।

कृति ने स्पष्ट किया कि किसी महिला की संस्कृति उसके कपड़ों की नेकलाइन में नहीं, बल्कि उसके दिल और विचारों में होती है। उनकी इस टिप्पणी को विज्ञापन को लेकर की जा रही आलोचनाओं के जवाब के तौर पर देखा गया। विवाद के बीच ज्वेलरी ब्रांड ने बुधवार को विज्ञापन को अपने सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाने का फैसला किया। ब्रांड ने इंस्टाग्राम पर जारी बयान में कहा कि वह भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का सम्मान करता है।

ब्रांड के अनुसार, विज्ञापन का उद्देश्य परिवार के साथ पालतू जानवरों को भी उत्सव का हिस्सा दिखाना था। हालांकि, यदि अभियान से समाज के किसी वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं तो ब्रांड ने इसके लिए खेद जताया।

मामले में अभिनेत्री कंगना रनौत की टिप्पणी ने भी बहस को और तेज कर दिया। कंगना ने बिना कृति का नाम लिए सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने सवाल उठाया कि रक्षाबंधन जैसे अवसर पर भाई को राखी बांधते समय इतने विकल्प होने के बावजूद ऐसा पहनावा क्यों चुना गया। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की अलमारियां कई तरह के कपड़ों से भरी होती हैं, इसलिए ऐसे अवसर पर इस तरह की पोशाक का चयन सवाल खड़े करता है।

पूरे विवाद ने एक बार फिर महिलाओं के पहनावे, विज्ञापनों में उनकी प्रस्तुति और आधुनिक फैशन बनाम पारंपरिक सोच को लेकर बहस छेड़ दी है। एक पक्ष जहां त्योहारों के अनुरूप पहनावे को जरूरी मानता है, वहीं दूसरा पक्ष व्यक्तिगत पसंद और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन कर रहा है। इस विवाद ने यह सवाल भी सामने रखा है कि किसी महिला के पहनावे के आधार पर उसके विचारों, संस्कृति या मूल्यों का आकलन करना कितना उचित है।




1 सितंबर से महंगी होंगी टाटा और हुंडई की गाड़ियां

- इनपुट लागत में बढ़ोतरी बनी वजह, पेट्रोल-डीजल से लेकर ईवी तक सभी सेगमेंट प्रभावित

नई दिल्ली । सितंबर महीने की शुरुआत के साथ ही आम आदमी से जुड़े कई नियमों में बदलाव हुए हैं, जिनमें से एक बड़ा झटका कार प्रेमियों को लगा है। टाटा मोटर्स और हुंडई ने अपनी गाड़ियों की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है, जिसका सीधा असर नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के बजट पर पड़ेगा। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) ने 1 सितंबर से अपने पूरे कार और एसयूवी पोर्टफोलियो की कीमतों में 25,000 रुपए तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है।

यह वृद्धि पेट्रोल, डीजल (आईसीई) और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स सभी सेगमेंट पर लागू होगी। कंपनी ने कीमतों में इस बढ़ोतरी के पीछे लगातार बनी हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच इनपुट और कमोडिटी की बढ़ती लागत का हवाला दिया है। यह चालू तिमाही में टाटा की दूसरी मूल्य वृद्धि है, इससे पहले जून में भी दाम बढ़ाए गए थे। वहीं, हुंडई मोटर इंडिया ने भी 19 अगस्त को घोषणा की थी कि वह सितंबर से अपने सभी वाहनों की कीमतों में 1 फीसदी तक की बढ़ोतरी करेगी।

हुंडई ने भी इनपुट और कमोडिटी की बढ़ती लागत के साथ-साथ जियोपॉलिटिकल और मैक्रो-इकोनॉमिक अनिश्चितताओं को इसका कारण बताया है। इससे पहले, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड भी अगस्त में अपनी गाड़ियों की कीमतों में 30,000 रुपए तक की बढ़ोतरी कर चुकी है। लागत के बढ़ते दबाव के कारण ऑटोमोबाइल सेक्टर में कीमतों में वृद्धि का यह सिलसिला जारी है।



चीन ने पीली नदी के नीचे बनाई डबल-डेकर सुरंग, सरपट दौड़ेंगे वाहन

-यह अंडरवॉटर सुरंग 5,755 मीटर लंबी है, इंजीनियरिंग का बनाया रिकॉर्ड 

जिनान,। चीन ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक और बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। पूर्वी चीन के शेडोंग प्रांत के जिनान शहर में पीली नदी के नीचे बनाई गई दुनिया की सबसे बड़े व्यास वाली पानी के नीचे शील्ड सुरंग का निर्माण पूरा होने के बाद इसे चालू कर दिया गया है। इस सुरंग की खास बात है इसका डबल-डेकर डिजाइन। एक ही सुरंग के अंदर दो अलग-अलग स्तर बनाए गए हैं, जिन पर वाहन दौड़ सकेंगे। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह विशाल अंडरवॉटर सुरंग करीब 5,755 मीटर लंबी है। इसका मुख्य शील्ड हिस्सा करीब 3,290 मीटर का है। सुरंग निर्माण के लिए 17.5 मीटर व्यास वाली अत्याधुनिक और विशाल टनल बोरिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया। इसे पीली नदी के नीचे बनाई गई चीन की पहली सिंगल-बोर डबल-डेकर शील्ड सुरंग बताया जा रहा है।

सुरंग में वाहनों के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति तय की गई है। इस परियोजना को पूरा करना इंजीनियरों के लिए चुनौतीपूर्ण था। निर्माण के दौरान पीली नदी के तटबंध और नदी के नीचे मौजूद संवेदनशील भूभाग से होकर सुरंग तैयार करनी पड़ी। परियोजना टीम को कुल 28 प्रमुख तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इनमें खुदाई के दौरान सुरंग की स्थिरता बनाए रखना, नदी तटबंध के नीचे से गुजरते समय जमीन धंसने की आशंका को नियंत्रित करना और विशाल सुरंग संरचना को ऊपर उठने से रोकना शामिल था। 

रिपोर्ट के मुताबिक खुदाई में निकलने वाले भारी मात्रा के कीचड़ और स्लरी का पर्यावरण के अनुकूल निपटारा भी बड़ी चुनौती थी। निर्माण में कई अहम रिकॉर्ड भी बने। परियोजना में एक दिन में अधिकतम 18 मीटर तक खुदाई की गई, जबकि एक महीने में 426 मीटर तक सुरंग निर्माण का आंकड़ा हासिल किया गया। इसे 17 मीटर श्रेणी की शील्ड टनलिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है।

बता दें हाल के वर्षों में चीन ने सुरंग और भूमिगत निर्माण तकनीक के क्षेत्र में तेजी से अपनी क्षमता बढ़ाई है। आधुनिक टनल बोरिंग मशीनों और उन्नत इंजीनियरिंग तकनीक के इस्तेमाल से वहां बड़े और जटिल बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। पीली नदी जैसे विशाल और संवेदनशील क्षेत्र के नीचे दो मंजिला सुरंग का निर्माण चीन की तकनीकी क्षमता का नया उदाहरण है। यह परियोजना केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग और भूमिगत निर्माण तकनीक में चीन की बढ़ती ताकत को भी दर्शाती है।








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सहवाग, द्रविड के बेटे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धूम मचाने तैयार

-यह अंडरवॉटर सुरंग 5,755 मीटर लंबी है, इंजीनियरिंग का बनाया रिकॉर्ड 

जिनान,। चीन ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक और बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। पूर्वी चीन के शेडोंग प्रांत के जिनान शहर में पीली नदी के नीचे बनाई गई दुनिया की सबसे बड़े व्यास वाली पानी के नीचे शील्ड सुरंग का निर्माण पूरा होने के बाद इसे चालू कर दिया गया है। इस सुरंग की खास बात है इसका डबल-डेकर डिजाइन। एक ही सुरंग के अंदर दो अलग-अलग स्तर बनाए गए हैं, जिन पर वाहन दौड़ सकेंगे। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह विशाल अंडरवॉटर सुरंग करीब 5,755 मीटर लंबी है। इसका मुख्य शील्ड हिस्सा करीब 3,290 मीटर का है। सुरंग निर्माण के लिए 17.5 मीटर व्यास वाली अत्याधुनिक और विशाल टनल बोरिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया। इसे पीली नदी के नीचे बनाई गई चीन की पहली सिंगल-बोर डबल-डेकर शील्ड सुरंग बताया जा रहा है।

सुरंग में वाहनों के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति तय की गई है। इस परियोजना को पूरा करना इंजीनियरों के लिए चुनौतीपूर्ण था। निर्माण के दौरान पीली नदी के तटबंध और नदी के नीचे मौजूद संवेदनशील भूभाग से होकर सुरंग तैयार करनी पड़ी। परियोजना टीम को कुल 28 प्रमुख तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इनमें खुदाई के दौरान सुरंग की स्थिरता बनाए रखना, नदी तटबंध के नीचे से गुजरते समय जमीन धंसने की आशंका को नियंत्रित करना और विशाल सुरंग संरचना को ऊपर उठने से रोकना शामिल था। 

रिपोर्ट के मुताबिक खुदाई में निकलने वाले भारी मात्रा के कीचड़ और स्लरी का पर्यावरण के अनुकूल निपटारा भी बड़ी चुनौती थी। निर्माण में कई अहम रिकॉर्ड भी बने। परियोजना में एक दिन में अधिकतम 18 मीटर तक खुदाई की गई, जबकि एक महीने में 426 मीटर तक सुरंग निर्माण का आंकड़ा हासिल किया गया। इसे 17 मीटर श्रेणी की शील्ड टनलिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है।

बता दें हाल के वर्षों में चीन ने सुरंग और भूमिगत निर्माण तकनीक के क्षेत्र में तेजी से अपनी क्षमता बढ़ाई है। आधुनिक टनल बोरिंग मशीनों और उन्नत इंजीनियरिंग तकनीक के इस्तेमाल से वहां बड़े और जटिल बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। पीली नदी जैसे विशाल और संवेदनशील क्षेत्र के नीचे दो मंजिला सुरंग का निर्माण चीन की तकनीकी क्षमता का नया उदाहरण है। यह परियोजना केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग और भूमिगत निर्माण तकनीक में चीन की बढ़ती ताकत को भी दर्शाती है।








कृति सेनन विज्ञापन बढता देख ब्रांड ने मांगी माफी और अभियान हटाया

-यह अंडरवॉटर सुरंग 5,755 मीटर लंबी है, इंजीनियरिंग का बनाया रिकॉर्ड 

जिनान,। चीन ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक और बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। पूर्वी चीन के शेडोंग प्रांत के जिनान शहर में पीली नदी के नीचे बनाई गई दुनिया की सबसे बड़े व्यास वाली पानी के नीचे शील्ड सुरंग का निर्माण पूरा होने के बाद इसे चालू कर दिया गया है। इस सुरंग की खास बात है इसका डबल-डेकर डिजाइन। एक ही सुरंग के अंदर दो अलग-अलग स्तर बनाए गए हैं, जिन पर वाहन दौड़ सकेंगे। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह विशाल अंडरवॉटर सुरंग करीब 5,755 मीटर लंबी है। इसका मुख्य शील्ड हिस्सा करीब 3,290 मीटर का है। सुरंग निर्माण के लिए 17.5 मीटर व्यास वाली अत्याधुनिक और विशाल टनल बोरिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया। इसे पीली नदी के नीचे बनाई गई चीन की पहली सिंगल-बोर डबल-डेकर शील्ड सुरंग बताया जा रहा है।

सुरंग में वाहनों के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति तय की गई है। इस परियोजना को पूरा करना इंजीनियरों के लिए चुनौतीपूर्ण था। निर्माण के दौरान पीली नदी के तटबंध और नदी के नीचे मौजूद संवेदनशील भूभाग से होकर सुरंग तैयार करनी पड़ी। परियोजना टीम को कुल 28 प्रमुख तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इनमें खुदाई के दौरान सुरंग की स्थिरता बनाए रखना, नदी तटबंध के नीचे से गुजरते समय जमीन धंसने की आशंका को नियंत्रित करना और विशाल सुरंग संरचना को ऊपर उठने से रोकना शामिल था। 

रिपोर्ट के मुताबिक खुदाई में निकलने वाले भारी मात्रा के कीचड़ और स्लरी का पर्यावरण के अनुकूल निपटारा भी बड़ी चुनौती थी। निर्माण में कई अहम रिकॉर्ड भी बने। परियोजना में एक दिन में अधिकतम 18 मीटर तक खुदाई की गई, जबकि एक महीने में 426 मीटर तक सुरंग निर्माण का आंकड़ा हासिल किया गया। इसे 17 मीटर श्रेणी की शील्ड टनलिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है।

बता दें हाल के वर्षों में चीन ने सुरंग और भूमिगत निर्माण तकनीक के क्षेत्र में तेजी से अपनी क्षमता बढ़ाई है। आधुनिक टनल बोरिंग मशीनों और उन्नत इंजीनियरिंग तकनीक के इस्तेमाल से वहां बड़े और जटिल बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। पीली नदी जैसे विशाल और संवेदनशील क्षेत्र के नीचे दो मंजिला सुरंग का निर्माण चीन की तकनीकी क्षमता का नया उदाहरण है। यह परियोजना केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग और भूमिगत निर्माण तकनीक में चीन की बढ़ती ताकत को भी दर्शाती है।








1 सितंबर से महंगी होंगी टाटा और हुंडई की गाड़ियां

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जिनान,। चीन ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक और बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। पूर्वी चीन के शेडोंग प्रांत के जिनान शहर में पीली नदी के नीचे बनाई गई दुनिया की सबसे बड़े व्यास वाली पानी के नीचे शील्ड सुरंग का निर्माण पूरा होने के बाद इसे चालू कर दिया गया है। इस सुरंग की खास बात है इसका डबल-डेकर डिजाइन। एक ही सुरंग के अंदर दो अलग-अलग स्तर बनाए गए हैं, जिन पर वाहन दौड़ सकेंगे। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह विशाल अंडरवॉटर सुरंग करीब 5,755 मीटर लंबी है। इसका मुख्य शील्ड हिस्सा करीब 3,290 मीटर का है। सुरंग निर्माण के लिए 17.5 मीटर व्यास वाली अत्याधुनिक और विशाल टनल बोरिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया। इसे पीली नदी के नीचे बनाई गई चीन की पहली सिंगल-बोर डबल-डेकर शील्ड सुरंग बताया जा रहा है।

सुरंग में वाहनों के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति तय की गई है। इस परियोजना को पूरा करना इंजीनियरों के लिए चुनौतीपूर्ण था। निर्माण के दौरान पीली नदी के तटबंध और नदी के नीचे मौजूद संवेदनशील भूभाग से होकर सुरंग तैयार करनी पड़ी। परियोजना टीम को कुल 28 प्रमुख तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इनमें खुदाई के दौरान सुरंग की स्थिरता बनाए रखना, नदी तटबंध के नीचे से गुजरते समय जमीन धंसने की आशंका को नियंत्रित करना और विशाल सुरंग संरचना को ऊपर उठने से रोकना शामिल था। 

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जिनान,। चीन ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक और बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। पूर्वी चीन के शेडोंग प्रांत के जिनान शहर में पीली नदी के नीचे बनाई गई दुनिया की सबसे बड़े व्यास वाली पानी के नीचे शील्ड सुरंग का निर्माण पूरा होने के बाद इसे चालू कर दिया गया है। इस सुरंग की खास बात है इसका डबल-डेकर डिजाइन। एक ही सुरंग के अंदर दो अलग-अलग स्तर बनाए गए हैं, जिन पर वाहन दौड़ सकेंगे। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह विशाल अंडरवॉटर सुरंग करीब 5,755 मीटर लंबी है। इसका मुख्य शील्ड हिस्सा करीब 3,290 मीटर का है। सुरंग निर्माण के लिए 17.5 मीटर व्यास वाली अत्याधुनिक और विशाल टनल बोरिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया। इसे पीली नदी के नीचे बनाई गई चीन की पहली सिंगल-बोर डबल-डेकर शील्ड सुरंग बताया जा रहा है।

सुरंग में वाहनों के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति तय की गई है। इस परियोजना को पूरा करना इंजीनियरों के लिए चुनौतीपूर्ण था। निर्माण के दौरान पीली नदी के तटबंध और नदी के नीचे मौजूद संवेदनशील भूभाग से होकर सुरंग तैयार करनी पड़ी। परियोजना टीम को कुल 28 प्रमुख तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इनमें खुदाई के दौरान सुरंग की स्थिरता बनाए रखना, नदी तटबंध के नीचे से गुजरते समय जमीन धंसने की आशंका को नियंत्रित करना और विशाल सुरंग संरचना को ऊपर उठने से रोकना शामिल था। 

रिपोर्ट के मुताबिक खुदाई में निकलने वाले भारी मात्रा के कीचड़ और स्लरी का पर्यावरण के अनुकूल निपटारा भी बड़ी चुनौती थी। निर्माण में कई अहम रिकॉर्ड भी बने। परियोजना में एक दिन में अधिकतम 18 मीटर तक खुदाई की गई, जबकि एक महीने में 426 मीटर तक सुरंग निर्माण का आंकड़ा हासिल किया गया। इसे 17 मीटर श्रेणी की शील्ड टनलिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है।

बता दें हाल के वर्षों में चीन ने सुरंग और भूमिगत निर्माण तकनीक के क्षेत्र में तेजी से अपनी क्षमता बढ़ाई है। आधुनिक टनल बोरिंग मशीनों और उन्नत इंजीनियरिंग तकनीक के इस्तेमाल से वहां बड़े और जटिल बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। पीली नदी जैसे विशाल और संवेदनशील क्षेत्र के नीचे दो मंजिला सुरंग का निर्माण चीन की तकनीकी क्षमता का नया उदाहरण है। यह परियोजना केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग और भूमिगत निर्माण तकनीक में चीन की बढ़ती ताकत को भी दर्शाती है।








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