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लाल परेड ग्राउंड पर फुल ड्रेस रिहर्सल

- परेड, मार्च पास्ट और सुरक्षा व्यवस्था परखी; 15 अगस्त को होगा राज्य स्तरीय समारोह
भोपाल । स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को लाल परेड ग्राउंड में फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। इस दौरान 15 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा को वास्तविक समारोह की तरह दोहराया गया। परेड, मार्च पास्ट,
ध्वजारोहण और सुरक्षा समेत सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया।
पूर्वाभ्यास में परेड में शामिल जवान पूरे गणवेश और तय अनुशासन के साथ शामिल हुए। जवानों की कदमताल, मार्च पास्ट और अन्य गतिविधियों को परखा गया। ध्वजारोहण के दौरान होने वाली प्रक्रियाओं का भी अभ्यास किया गया, ताकि मुख्य समारोह में किसी तरह की कमी न रहे।
सुरक्षा व्यवस्था का भी परीक्षण
पुलिस और प्रशासन ने समारोह स्थल की सुरक्षा व्यवस्था का अंतिम परीक्षण किया। पुलिस बल की तैनाती, प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा जांच और अन्य इंतजामों की समीक्षा की गई। रिहर्सल के दौरान सामने आई कमियों को मुख्य कार्यक्रम से पहले दूर करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में
फुल ड्रेस रिहर्सल के बाद प्रशासन और पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़ी व्यवस्थाओं की अंतिम समीक्षा शुरू कर दी है। 15 अगस्त को लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित होगा, जिसके लिए तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं।

‘पॉवरफुल’ नेताओं की पसंद के जिलाध्यक्ष बने सिरदर्द

- दतिया प्रकरण के बाद भाजपा के अंदरूनी सर्वे ने बढ़ाई नेतृत्व की चिंता

भोपाल । मध्यप्रदेश में सत्ता में होने के बावजूद भाजपा संगठन के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी के कुछ प्रभावशाली नेताओं के कथित ‘वीटो पॉवर’ और उनके समर्थकों को संगठन में महत्वपूर्ण पद दिलाने की रणनीति अब प्रदेश नेतृत्व के लिए चिंता का कारण बनती दिखाई दे रही है। पार्टी से जुड़े सूत्रों और जानकारों के मुताबिक, प्रदेश के करीब 11 जिलों में संगठन की मौजूदा स्थिति को लेकर अंदरूनी स्तर पर आकलन कराया गया है।

इसमें कई जिलों में संगठन की पकड़ कमजोर होने, बूथ स्तर पर सक्रियता घटने और स्थानीय स्तर पर नेताओं की स्वीकार्यता कम होने की बात सामने आने का दावा किया जा रहा है। दतिया में सामने आए घटनाक्रम के बाद प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने दूसरे जिलों में भी संगठन की वास्तविक स्थिति को समझने की कवायद तेज की है।

पार्टी के अंदरूनी आकलन में यह बात सामने आने की चर्चा है कि जिन जिलों में प्रभावशाली नेताओं की पसंद के पदाधिकारी संगठन की कमान संभाल रहे हैं, वहां कई जगह संगठनात्मक गतिविधियां अपेक्षित स्तर पर नहीं हैं। बूथ इकाइयों की सक्रियता से लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय तक को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

भाजपा के भीतर लंबे समय से यह चर्चा रही है कि जिलाध्यक्षों और संगठन के अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों में कुछ वरिष्ठ नेताओं का प्रभाव निर्णायक रहता है। पार्टी के जानकारों का कहना है कि कई बार स्थानीय संगठन और कार्यकर्ताओं की पसंद के बजाय प्रभावशाली नेताओं की पसंद को प्राथमिकता मिल जाती है।

पार्टी के निर्धारित मानकों के मुताबिक जिलाध्यक्ष पद के लिए संगठन में पर्याप्त अनुभव और सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके बावजूद कुछ जिलों में ऐसे नेताओं को जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है, जिनका संगठनात्मक अनुभव अपेक्षाकृत कम रहा है। पार्टी के अंदर इसे वरिष्ठ नेताओं के प्रभाव का परिणाम माना जा रहा है।

आरोप यह भी है कि ऐसे जिलाध्यक्ष कई मामलों में संगठनात्मक निर्णयों से ज्यादा अपने राजनीतिक संरक्षकों की राय को महत्व देते हैं। इससे स्थानीय कार्यकर्ताओं में असंतोष पैदा होने और संगठन की स्वतंत्र कार्यप्रणाली प्रभावित होने की स्थिति बनती है। दतिया का हालिया घटनाक्रम इसी अंतर्विरोध का उदाहरण माना जा रहा है।

संगठन की जमीन खिसकी तो चुनावी चिंता बढ़ी

भाजपा नेतृत्व की चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि अगले वर्ष प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियां शुरू होनी हैं। पार्टी के रणनीतिकारों को आशंका है कि यदि संगठनात्मक स्तर पर समय रहते कमियों को दूर नहीं किया गया तो इसका सीधा असर चुनावी प्रदर्शन पर पड़ सकता है। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि निकाय चुनाव स्थानीय संगठन की ताकत का बड़ा परीक्षण होंगे।

यदि बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, स्थानीय नेतृत्व की स्वीकार्यता और जनता के साथ संवाद कमजोर रहा तो इसका असर आगे होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि प्रदेश नेतृत्व अब केवल जिलाध्यक्षों की रिपोर्ट के बजाय जमीनी स्तर की वास्तविक स्थिति जानने पर जोर दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, बूथ स्तर पर संगठन की सक्रियता, कार्यकर्ताओं की भागीदारी, स्थानीय नेताओं की स्वीकार्यता और आम लोगों के बीच पार्टी की स्थिति जैसे बिंदुओं को आकलन में शामिल किया गया है।

‘पॉवर’ पर लग सकता है ब्रेक

पार्टी के भीतर चल रही इस कवायद का अगला असर उन नेताओं पर पड़ सकता है, जिनके प्रभाव वाले क्षेत्रों में संगठन की स्थिति कमजोर पाई गई है। जानकारों के मुताबिक, प्रदेश नेतृत्व ऐसे नेताओं की संगठनात्मक भूमिका को सीमित करने की रणनीति पर विचार कर सकता है। भविष्य में उनके प्रभाव वाले क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण संगठनात्मक मामलों में उन्हें निर्णायक भूमिका देने के बजाय प्रदेश स्तर से फैसले लेने की व्यवस्था मजबूत की जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।

11 जिलों में अध्यक्ष बदले जाने की चर्चा

भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, संगठनात्मक समीक्षा के बाद करीब 11 जिलों में जिलाध्यक्षों को बदले जाने की संभावना पर चर्चा चल रही है। इनमें सिवनी, नर्मदापुरम, टीकमगढ़, उमरिया, रायसेन और खरगोन सहित अन्य जिले शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, संभावित बदलाव को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होने की संभावना है। पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि जिन जिलों में वर्तमान नेतृत्व अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहा है, वहां विधानसभा चुनाव के दौरान सक्रिय रहे और संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले कार्यकर्ताओं को आगे लाया जा सकता है।

महिला जिलाध्यक्षों को प्रदेश की जिम्मेदारी, नए चेहरों को मौका?

संगठनात्मक फेरबदल में एक और संभावित रणनीति पर चर्चा है। पार्टी के जानकारों के मुताबिक, कुछ जिलों में जिम्मेदारी संभाल रही महिला पदाधिकारियों को प्रदेश संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका दी जा सकती है। ऐसी स्थिति में संबंधित जिलों में नए चेहरों को मौका मिल सकता है। पार्टी की रणनीति ऐसे कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की बताई जा रही है, जिन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान बूथ से लेकर विधानसभा स्तर तक सक्रिय भूमिका निभाई थी। संगठन में इसे संभावित ‘डैमेज कंट्रोल’ की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

किसानों के बीच छवि सुधारने सहकारिता चुनाव पर फोकस

संगठनात्मक कमजोरी के साथ भाजपा किसानों के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ को लेकर भी रणनीति बदलने की तैयारी में है। पार्टी सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण और किसान क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। पार्टी के जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में किसानों से जुड़े विभिन्न संगठनों की सक्रियता और सरकार के समक्ष उठाए गए मुद्दों से ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी की छवि प्रभावित हुई है। ऐसे में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करना भाजपा की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।

इसी कड़ी में पार्टी ने सोमवार को सहकारिता प्रकोष्ठ की कोर टीम का ऐलान किया। इसमें सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, आनंद विभाग के मंत्री लखन पटेल, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर, विधायक रमाकांत भार्गव, अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव, पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी, नेशनल लेबर को-ऑपरेटिव फेडरेशन के संचालक विवेक चतुर्वेदी और सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक किशन सिंह भटोल को शामिल किया गया है।

सहकारिता चुनाव के जरिए ग्रामीण नेटवर्क मजबूत करने की तैयारी

भाजपा के रणनीतिकार सहकारिता चुनावों को केवल संस्थागत चुनाव नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन के नेटवर्क को मजबूत करने के अवसर के तौर पर देख रहे हैं। यदि सहकारी संस्थाओं में पार्टी समर्थित कार्यकर्ताओं की मजबूत मौजूदगी बनती है तो इसका फायदा पंचायत से लेकर विधानसभा चुनाव तक संगठन को मिल सकता है। यही कारण है कि सहकारिता प्रकोष्ठ को सक्रिय करने के साथ पार्टी ग्रामीण क्षेत्रों में नए सिरे से संगठनात्मक संपर्क बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

अब संगठन में ‘परफॉर्मेंस’ होगी पैमाना

प्रदेश भाजपा के सामने मौजूदा चुनौती केवल जिलाध्यक्ष बदलने की नहीं है, बल्कि संगठन में प्रभावशाली नेताओं की भूमिका और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच संतुलन बनाने की भी है। पार्टी यदि संगठन की कमजोर कडिय़ों को समय रहते पहचानकर बदलाव करती है तो आगामी निकाय चुनाव से पहले उसे अपनी स्थिति सुधारने का मौका मिल सकता है।

वहीं, अंदरूनी सर्वे में सामने आई कथित कमजोर स्थिति को नजरअंदाज किया गया तो स्थानीय असंतोष और गुटबाजी का असर चुनावी मैदान में दिखाई दे सकता है। ऐसे में प्रदेश नेतृत्व के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि संगठन में किसका प्रभाव चले—व्यक्तिगत राजनीतिक ताकत का या बूथ स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ता के प्रदर्शन का।



बचपन में ही अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था हंसिका ने

मुंबई । 9 अगस्त 1991 को मुंबई में जन्मी अभिनेत्री हंसिका मोटवानी ने बहुत कम उम्र में ही अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था। हंसिका मोटवानी का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, जिसमें बचपन की शोहरत, फिल्मी दुनिया में तेजी से तरक्की और निजी जीवन में कई विवादों का सामना करना शामिल है। मशहूर शो शाका लाका बूम बूम में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट नजर आने के बाद वह घर-घर में पहचानी जाने लगीं।

इसके बाद उन्होंने क्योंकि सास भी कभी बहू थी जैसे लोकप्रिय धारावाहिक में भी काम किया। उनकी अगली बड़ी छलांग बॉलीवुड में हुई, जहां ऋतिक रोशन और प्रीति जिंटा की फिल्म कोई मिल गया में उनकी मौजूदगी को दर्शकों ने पसंद किया। कुछ समय बाद हंसिका ने साउथ सिनेमा का रुख किया। उन्होंने तेलुगु फिल्म देसमुदुरु से बतौर लीड एक्ट्रेस डेब्यू किया। उस समय उनकी उम्र काफी कम थी, लेकिन फिल्म में उनकी एक्टिंग को काफी पसंद किया गया और उन्हें बेस्ट फीमेल डेब्यू का सम्मान भी मिला।

इसके बाद तमिल फिल्मों में भी उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा, जहां एंगेयुम काधल और ओरु कल ओरु कन्नाड़ी जैसी फिल्मों ने उन्हें दक्षिण भारतीय दर्शकों के बीच एक मजबूत पहचान दिलाई। 

तमिल, तेलुगु, कन्नड़, हिंदी और मलयालम फिल्मों में काम करके उन्होंने अपनी बहुभाषी पहचान बनाई। एक चुलबुली और मासूम लड़की के किरदारों से शुरुआत करने वाली हंसिका ने धीरे-धीरे अलग तरह के रोल भी किए। हंसिका का करियर जितना तेजी से आगे बढ़ा, उनकी निजी जिंदगी को लेकर चर्चाएं भी उतनी ही तेज होती गईं।

एक समय उनकी बदली हुई शारीरिक बनावट को लेकर तरह-तरह की बातें कही गईं और उन पर हार्मोनल इंजेक्शन लेने के आरोप लगे, जिन्हें हंसिका ने खारिज किया था। इसके अलावा, एक कथित एमएमएस के वायरल होने के बाद भी उनका नाम चर्चा में आया। हालांकि, हंसिका ने साफ किया था कि वीडियो में दिखाई देने वाली लड़की वह नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद इस विवाद ने काफी समय तक उनका पीछा नहीं छोड़ा। हंसिका की निजी जिंदगी का सबसे ज्यादा चर्चित अध्याय उनकी शादी रही।

उन्होंने 4 दिसंबर 2022 को बिजनेसमैन सोहेल कथूरिया से राजस्थान के जयपुर में शाही अंदाज में शादी की, जिसकी तस्वीरों और वीडियो ने खूब सुर्खियां बटोरीं। उनकी शादी पर हंसिका लव शादी ड्रामा नाम की एक वेब सीरीज भी बनी है। हालांकि, शादी की घोषणा के साथ ही विवाद शुरू हो गया क्योंकि सोहेल की यह दूसरी शादी थी और उनकी पहली पत्नी रिंकी बजाज हंसिका की दोस्त थीं। इसी वजह से सोशल मीडिया पर हंसिका पर कई तरह के आरोप लगाए गए। 



गूगल की फिक्सल11 सीरीज लॉन्च, डिवाइस में जेमिनी एआई जोड़ा

120एक्स जूम, भारत में फिक्सल11 की शुरुआती कीमत 89,999 रुपए

नई दिल्ली,। गूगल ने अपने मेड बाय गूगल 2026 इवेंट में नई फिक्सल11 सीरीज के साथ फिक्सल वॉच 5, फिक्सल टेग और फिक्सल बुड्स के लिए कई नए फीचर्स पेश किए हैं। इस बार कंपनी ने अपने नए डिवाइस में जेमिनी एआई को पहले से ज्यादा गहराई से जोड़ा है। नई फिक्सल 11 सीरीज में फिक्सल11, फिक्सल11 प्रो, फिक्सल11 प्रो एक्सएल और फिक्सल11 प्रो फोल्ड शामिल हैं। गूगल की नई फिक्सल11 सीरीज के सभी मॉडल टेनसोर जी6 प्रोसेसर के साथ आते हैं। 

कंपनी के मुताबिक नए चि[प में पिछली पीढ़ी की तुलना में 50 फीसदी ज्यादा टीपीयू क्षमता है। डिवाइस में जेमिनी नेनो का नया वर्जन भी दिया गया है, जिससे फोन पर एआई से जुड़े काम तेजी से किए जा सकेंगे। फिक्सल11 में 48 मेगापिक्सल का नया मुख्य कैमरा सेंसर दिया गया है। इसमें बेहतर लो-लाइट परफॉर्मेंस के साथ 5एक्स टेलीफोटो कैमरा मिलता है, जो 30एक्स सुपर जूम तक सपोर्ट करता है।

वहीं फिक्सल11 प्रो और फिक्सल11 प्रो एक्सएल में बड़ा मुख्य कैमरा सेंसर और 48 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा दिया गया है। ये फोन 120एक्स प्रो जूम तक सपोर्ट करते हैं। कंपनी ने कैमरा बार का डिजाइन भी पहले से पतला किया है। फिक्सल11 प्रो मॉडल में सुपर एटुआ डिस्प्ले दिया गया है, जिसकी पीक ब्राइटनेस 3,600 निट्स तक है।

फिक्सल11 सीरीज में कैमरा से जुड़े कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। मेजिक चेप्टर की मदद से किसी खास पल के आसपास कई फोटो और वीडियो एक साथ कैप्चर किए जा सकते हैं। वहीं कैमरा लुक्स के जरिए यूजर अपनी पसंद का विजुअल स्टाइल बना और सेव कर सकते हैं। प्रो सुटेबल वीडियो फीचर वीडियो रिकॉर्डिंग को ज्यादा स्थिर बनाने में मदद करेगा। गूगल ने वीडियो से कंटेंट निकालने, स्पीच-टू-टेक्स्ट को बेहतर करने और मीडिया का रियल टाइम ट्रांसलेशन जैसे एआई फीचर्स भी पेश किए हैं। 

फिक्सल11 प्रो और प्रो एक्सएल में कैमरा बार पर मल्टीकलर एलईडी हाईलाइट भी दिया गया है। यह कॉल आने पर संकेत दे सकता है और जेमिनी के सुनने, प्रोसेस करने या जवाब देने के दौरान भी अलग संकेत दिखा सकता है। भारत में फिक्सल11 की शुरुआती कीमत 89,999 रुपये रखी गई है। फिक्सल11 प्रो की कीमत 1,19,999 रुपए और फिक्सल11 प्रो एक्सएल की शुरुआती कीमत 1,34,999 रुपए है। इन तीनों फोन के प्री-ऑर्डर शुरू हो चुके हैं और इनकी बिक्री 20 अगस्त से शुरू होगी।


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लाल परेड ग्राउंड पर फुल ड्रेस रिहर्सल

120एक्स जूम, भारत में फिक्सल11 की शुरुआती कीमत 89,999 रुपए

नई दिल्ली,। गूगल ने अपने मेड बाय गूगल 2026 इवेंट में नई फिक्सल11 सीरीज के साथ फिक्सल वॉच 5, फिक्सल टेग और फिक्सल बुड्स के लिए कई नए फीचर्स पेश किए हैं। इस बार कंपनी ने अपने नए डिवाइस में जेमिनी एआई को पहले से ज्यादा गहराई से जोड़ा है। नई फिक्सल 11 सीरीज में फिक्सल11, फिक्सल11 प्रो, फिक्सल11 प्रो एक्सएल और फिक्सल11 प्रो फोल्ड शामिल हैं। गूगल की नई फिक्सल11 सीरीज के सभी मॉडल टेनसोर जी6 प्रोसेसर के साथ आते हैं। 

कंपनी के मुताबिक नए चि[प में पिछली पीढ़ी की तुलना में 50 फीसदी ज्यादा टीपीयू क्षमता है। डिवाइस में जेमिनी नेनो का नया वर्जन भी दिया गया है, जिससे फोन पर एआई से जुड़े काम तेजी से किए जा सकेंगे। फिक्सल11 में 48 मेगापिक्सल का नया मुख्य कैमरा सेंसर दिया गया है। इसमें बेहतर लो-लाइट परफॉर्मेंस के साथ 5एक्स टेलीफोटो कैमरा मिलता है, जो 30एक्स सुपर जूम तक सपोर्ट करता है।

वहीं फिक्सल11 प्रो और फिक्सल11 प्रो एक्सएल में बड़ा मुख्य कैमरा सेंसर और 48 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा दिया गया है। ये फोन 120एक्स प्रो जूम तक सपोर्ट करते हैं। कंपनी ने कैमरा बार का डिजाइन भी पहले से पतला किया है। फिक्सल11 प्रो मॉडल में सुपर एटुआ डिस्प्ले दिया गया है, जिसकी पीक ब्राइटनेस 3,600 निट्स तक है।

फिक्सल11 सीरीज में कैमरा से जुड़े कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। मेजिक चेप्टर की मदद से किसी खास पल के आसपास कई फोटो और वीडियो एक साथ कैप्चर किए जा सकते हैं। वहीं कैमरा लुक्स के जरिए यूजर अपनी पसंद का विजुअल स्टाइल बना और सेव कर सकते हैं। प्रो सुटेबल वीडियो फीचर वीडियो रिकॉर्डिंग को ज्यादा स्थिर बनाने में मदद करेगा। गूगल ने वीडियो से कंटेंट निकालने, स्पीच-टू-टेक्स्ट को बेहतर करने और मीडिया का रियल टाइम ट्रांसलेशन जैसे एआई फीचर्स भी पेश किए हैं। 

फिक्सल11 प्रो और प्रो एक्सएल में कैमरा बार पर मल्टीकलर एलईडी हाईलाइट भी दिया गया है। यह कॉल आने पर संकेत दे सकता है और जेमिनी के सुनने, प्रोसेस करने या जवाब देने के दौरान भी अलग संकेत दिखा सकता है। भारत में फिक्सल11 की शुरुआती कीमत 89,999 रुपये रखी गई है। फिक्सल11 प्रो की कीमत 1,19,999 रुपए और फिक्सल11 प्रो एक्सएल की शुरुआती कीमत 1,34,999 रुपए है। इन तीनों फोन के प्री-ऑर्डर शुरू हो चुके हैं और इनकी बिक्री 20 अगस्त से शुरू होगी।


‘पॉवरफुल’ नेताओं की पसंद के जिलाध्यक्ष बने सिरदर्द

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नई दिल्ली,। गूगल ने अपने मेड बाय गूगल 2026 इवेंट में नई फिक्सल11 सीरीज के साथ फिक्सल वॉच 5, फिक्सल टेग और फिक्सल बुड्स के लिए कई नए फीचर्स पेश किए हैं। इस बार कंपनी ने अपने नए डिवाइस में जेमिनी एआई को पहले से ज्यादा गहराई से जोड़ा है। नई फिक्सल 11 सीरीज में फिक्सल11, फिक्सल11 प्रो, फिक्सल11 प्रो एक्सएल और फिक्सल11 प्रो फोल्ड शामिल हैं। गूगल की नई फिक्सल11 सीरीज के सभी मॉडल टेनसोर जी6 प्रोसेसर के साथ आते हैं। 

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वहीं फिक्सल11 प्रो और फिक्सल11 प्रो एक्सएल में बड़ा मुख्य कैमरा सेंसर और 48 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा दिया गया है। ये फोन 120एक्स प्रो जूम तक सपोर्ट करते हैं। कंपनी ने कैमरा बार का डिजाइन भी पहले से पतला किया है। फिक्सल11 प्रो मॉडल में सुपर एटुआ डिस्प्ले दिया गया है, जिसकी पीक ब्राइटनेस 3,600 निट्स तक है।

फिक्सल11 सीरीज में कैमरा से जुड़े कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। मेजिक चेप्टर की मदद से किसी खास पल के आसपास कई फोटो और वीडियो एक साथ कैप्चर किए जा सकते हैं। वहीं कैमरा लुक्स के जरिए यूजर अपनी पसंद का विजुअल स्टाइल बना और सेव कर सकते हैं। प्रो सुटेबल वीडियो फीचर वीडियो रिकॉर्डिंग को ज्यादा स्थिर बनाने में मदद करेगा। गूगल ने वीडियो से कंटेंट निकालने, स्पीच-टू-टेक्स्ट को बेहतर करने और मीडिया का रियल टाइम ट्रांसलेशन जैसे एआई फीचर्स भी पेश किए हैं। 

फिक्सल11 प्रो और प्रो एक्सएल में कैमरा बार पर मल्टीकलर एलईडी हाईलाइट भी दिया गया है। यह कॉल आने पर संकेत दे सकता है और जेमिनी के सुनने, प्रोसेस करने या जवाब देने के दौरान भी अलग संकेत दिखा सकता है। भारत में फिक्सल11 की शुरुआती कीमत 89,999 रुपये रखी गई है। फिक्सल11 प्रो की कीमत 1,19,999 रुपए और फिक्सल11 प्रो एक्सएल की शुरुआती कीमत 1,34,999 रुपए है। इन तीनों फोन के प्री-ऑर्डर शुरू हो चुके हैं और इनकी बिक्री 20 अगस्त से शुरू होगी।


बचपन में ही अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था हंसिका ने

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नई दिल्ली,। गूगल ने अपने मेड बाय गूगल 2026 इवेंट में नई फिक्सल11 सीरीज के साथ फिक्सल वॉच 5, फिक्सल टेग और फिक्सल बुड्स के लिए कई नए फीचर्स पेश किए हैं। इस बार कंपनी ने अपने नए डिवाइस में जेमिनी एआई को पहले से ज्यादा गहराई से जोड़ा है। नई फिक्सल 11 सीरीज में फिक्सल11, फिक्सल11 प्रो, फिक्सल11 प्रो एक्सएल और फिक्सल11 प्रो फोल्ड शामिल हैं। गूगल की नई फिक्सल11 सीरीज के सभी मॉडल टेनसोर जी6 प्रोसेसर के साथ आते हैं। 

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वहीं फिक्सल11 प्रो और फिक्सल11 प्रो एक्सएल में बड़ा मुख्य कैमरा सेंसर और 48 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा दिया गया है। ये फोन 120एक्स प्रो जूम तक सपोर्ट करते हैं। कंपनी ने कैमरा बार का डिजाइन भी पहले से पतला किया है। फिक्सल11 प्रो मॉडल में सुपर एटुआ डिस्प्ले दिया गया है, जिसकी पीक ब्राइटनेस 3,600 निट्स तक है।

फिक्सल11 सीरीज में कैमरा से जुड़े कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। मेजिक चेप्टर की मदद से किसी खास पल के आसपास कई फोटो और वीडियो एक साथ कैप्चर किए जा सकते हैं। वहीं कैमरा लुक्स के जरिए यूजर अपनी पसंद का विजुअल स्टाइल बना और सेव कर सकते हैं। प्रो सुटेबल वीडियो फीचर वीडियो रिकॉर्डिंग को ज्यादा स्थिर बनाने में मदद करेगा। गूगल ने वीडियो से कंटेंट निकालने, स्पीच-टू-टेक्स्ट को बेहतर करने और मीडिया का रियल टाइम ट्रांसलेशन जैसे एआई फीचर्स भी पेश किए हैं। 

फिक्सल11 प्रो और प्रो एक्सएल में कैमरा बार पर मल्टीकलर एलईडी हाईलाइट भी दिया गया है। यह कॉल आने पर संकेत दे सकता है और जेमिनी के सुनने, प्रोसेस करने या जवाब देने के दौरान भी अलग संकेत दिखा सकता है। भारत में फिक्सल11 की शुरुआती कीमत 89,999 रुपये रखी गई है। फिक्सल11 प्रो की कीमत 1,19,999 रुपए और फिक्सल11 प्रो एक्सएल की शुरुआती कीमत 1,34,999 रुपए है। इन तीनों फोन के प्री-ऑर्डर शुरू हो चुके हैं और इनकी बिक्री 20 अगस्त से शुरू होगी।


गूगल की फिक्सल11 सीरीज लॉन्च, डिवाइस में जेमिनी एआई जोड़ा

120एक्स जूम, भारत में फिक्सल11 की शुरुआती कीमत 89,999 रुपए

नई दिल्ली,। गूगल ने अपने मेड बाय गूगल 2026 इवेंट में नई फिक्सल11 सीरीज के साथ फिक्सल वॉच 5, फिक्सल टेग और फिक्सल बुड्स के लिए कई नए फीचर्स पेश किए हैं। इस बार कंपनी ने अपने नए डिवाइस में जेमिनी एआई को पहले से ज्यादा गहराई से जोड़ा है। नई फिक्सल 11 सीरीज में फिक्सल11, फिक्सल11 प्रो, फिक्सल11 प्रो एक्सएल और फिक्सल11 प्रो फोल्ड शामिल हैं। गूगल की नई फिक्सल11 सीरीज के सभी मॉडल टेनसोर जी6 प्रोसेसर के साथ आते हैं। 

कंपनी के मुताबिक नए चि[प में पिछली पीढ़ी की तुलना में 50 फीसदी ज्यादा टीपीयू क्षमता है। डिवाइस में जेमिनी नेनो का नया वर्जन भी दिया गया है, जिससे फोन पर एआई से जुड़े काम तेजी से किए जा सकेंगे। फिक्सल11 में 48 मेगापिक्सल का नया मुख्य कैमरा सेंसर दिया गया है। इसमें बेहतर लो-लाइट परफॉर्मेंस के साथ 5एक्स टेलीफोटो कैमरा मिलता है, जो 30एक्स सुपर जूम तक सपोर्ट करता है।

वहीं फिक्सल11 प्रो और फिक्सल11 प्रो एक्सएल में बड़ा मुख्य कैमरा सेंसर और 48 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा दिया गया है। ये फोन 120एक्स प्रो जूम तक सपोर्ट करते हैं। कंपनी ने कैमरा बार का डिजाइन भी पहले से पतला किया है। फिक्सल11 प्रो मॉडल में सुपर एटुआ डिस्प्ले दिया गया है, जिसकी पीक ब्राइटनेस 3,600 निट्स तक है।

फिक्सल11 सीरीज में कैमरा से जुड़े कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। मेजिक चेप्टर की मदद से किसी खास पल के आसपास कई फोटो और वीडियो एक साथ कैप्चर किए जा सकते हैं। वहीं कैमरा लुक्स के जरिए यूजर अपनी पसंद का विजुअल स्टाइल बना और सेव कर सकते हैं। प्रो सुटेबल वीडियो फीचर वीडियो रिकॉर्डिंग को ज्यादा स्थिर बनाने में मदद करेगा। गूगल ने वीडियो से कंटेंट निकालने, स्पीच-टू-टेक्स्ट को बेहतर करने और मीडिया का रियल टाइम ट्रांसलेशन जैसे एआई फीचर्स भी पेश किए हैं। 

फिक्सल11 प्रो और प्रो एक्सएल में कैमरा बार पर मल्टीकलर एलईडी हाईलाइट भी दिया गया है। यह कॉल आने पर संकेत दे सकता है और जेमिनी के सुनने, प्रोसेस करने या जवाब देने के दौरान भी अलग संकेत दिखा सकता है। भारत में फिक्सल11 की शुरुआती कीमत 89,999 रुपये रखी गई है। फिक्सल11 प्रो की कीमत 1,19,999 रुपए और फिक्सल11 प्रो एक्सएल की शुरुआती कीमत 1,34,999 रुपए है। इन तीनों फोन के प्री-ऑर्डर शुरू हो चुके हैं और इनकी बिक्री 20 अगस्त से शुरू होगी।


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