सुनवाई के दौरान रेलवे ने अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें पिछली सुनवाई के निर्देशों के अनुसार पर्यावरणीय क्षति का आकलन किया गया। रेलवे ने नोटिस का जवाब देने के लिए समय मांगा, जिसे एनजीटी ने दो सप्ताह का समय दिया।
अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। सुनवाई के दौरान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से बताया गया कि एनजीटी की वेबसाइट के पोर्टल पर उसका नाम प्रदर्शित नहीं हो रहा है। इस पर पीठ ने रजिस्ट्री को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि सीपीसीबी अपना जवाब दाखिल कर सके। इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।
कचरा प्रबंधन की बदहाल स्थिति
एनजीटी के समक्ष पेश की गई संयुक्त समिति की रिपोर्ट में भोपाल रेलवे स्टेशन पर कचरा प्रबंधन में कई खामियां सामने दर्शाई गईं। प्लेटफार्म नंबर चार और पांच के पास नालियां चोक और ओवरफ्लो मिलीं, जबकि प्लेटफार्म छह पर ठोस कचरा भंडारण स्थल पूरी तरह ढंका नहीं था।
रेलवे ट्रैक और आसपास कचरे से भरे बैग भी मिले थे। रिपोर्ट में कचरे के आदर्श संग्रहण और गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण की व्यवस्था को भी संतोषजनक नहीं पाया गया। निरीक्षण के दौरान कचरा भंडारण के नए स्थल के निर्माण की जानकारी दी गई थी।
चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर टाटा ट्रस्ट्स के साथ सहमति नहीं बन पाई थी। नए कारोबारों में भारी निवेश, उनके प्रदर्शन और टाटा संस के भविष्य को लेकर मतभेद इस फैसले की बड़ी वजह बने।
एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर के बाद टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में गिरावट है। टीसीएस, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टाटा कंज्यूमर के शेयर 3% तक नीचे हैं।
चंद्रशेखरन ने इस्तीफा देते हुए क्या कहा

चंद्रशेखरन ने कहा कि, "टाटा संस के चेयरमैन के रूप में मेरा मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म हो रहा है। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करके मेरे अगले 5 साल के कार्यकाल के विस्तार की सिफारिश की थी।
इसे टाटा संस की नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी और बोर्ड ने दर्ज किया था और आगे बढ़ाने की सिफारिश की थी। इसके बाद, यह प्रस्ताव 24 फरवरी 2026 को टाटा संस बोर्ड के सामने रखा गया था।
हालांकि, यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका क्योंकि बोर्ड के एक सदस्य ने इसका समर्थन नहीं किया। सर्वसम्मत समर्थन न मिलने की वजह से मैंने इस फैसले को टालने का विकल्प चुना। उस बोर्ड मीटिंग को हुए 6 महीने बीत चुके हैं और आज तक कोई फैसला नहीं हो पाया है।
टाटा संस एक बहुत बड़ा संस्थान है और कई बड़े रणनीतिक प्रोजेक्ट्स अभी अहम मोड़ पर हैं। फरवरी 2027 के बाद ग्रुप की अगुआई करने के लिए न सिर्फ एक लीडर का होना जरूरी है, बल्कि कर्मचारियों, निवेशकों, पार्टनर्स और बाकी स्टेकहोल्डर्स के लिए लीडरशिप को लेकर स्पष्टता होना भी बहुत जरूरी है।"
अब जानिए इस्तीफे की 4 बड़ी वजह
1. चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाने पर मतभेद
फरवरी 2026 में टाटा संस बोर्ड ने चंद्रशेखरन के अगले 5 साल के कार्यकाल की सिफारिश की थी। बाद में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इसका विरोध किया और सिर्फ 2 साल का कार्यकाल देने की वकालत की।
24 फरवरी 2026 को 5 साल के विस्तार का प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखा गया। एक सदस्य के समर्थन न देने से इस पर सहमति नहीं बन सकी है।
2. नए कारोबारों के प्रदर्शन पर सवाल
चंद्रशेखरन के कार्यकाल में टाटा ग्रुप ने एविएशन, डिजिटल कारोबार, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और बैटरी जैसे नए क्षेत्रों में बड़े निवेश किए। इनमें से कुछ कारोबार अभी घाटे में हैं।
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस को FY26 में कुल रुपये 22,238 करोड़ का घाटा हुआ, जबकि टाटा डिजिटल का घाटा रुपये 4,974 करोड़ रहा। इन्हीं मुद्दों पर नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन के प्रदर्शन को लेकर आपत्ति जताई थी।
3. टाटा संस की लिस्टिंग हो या नहीं
टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट किया जाए या निजी कंपनी ही रखा जाए, इस पर टाटा ट्रस्ट्स के अंदर अलग-अलग राय सामने आई। नोएल टाटा लिस्टिंग के पक्ष में नहीं बताए जाते हैं, जबकि कुछ ट्रस्टी लिस्टिंग की वकालत कर चुके हैं।
4. टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के बीच तालमेल
टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66% हिस्सेदारी है, इसलिए दोनों के बीच बड़े फैसलों पर सहमति बेहद अहम है। नए कारोबारों की रणनीति, निवेश और चंद्रशेखरन के कार्यकाल को लेकर मतभेदों से दोनों के बीच तालमेल का सवाल भी सामने आया।
चंद्रशेखरन का 9 साल का सफर: रेवेन्यू रुपये 16.24 लाख करोड़ पहुंचा
चंद्रशेखरन के 2017 में कमान संभालने के बाद टाटा ग्रुप का दायरा काफी बढ़ा है। चंद्रशेखरन ने ग्रुप को एविएशन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी और डिजिटल बिजनेस जैसे नए क्षेत्रों में उतारा।
टाटा ग्रुप, टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स में फर्क जानिए
बोगोटा,। पश्चिमी कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 188 हो गई है, जबकि 1,677 लोग घायल हुए हैं। कुल मृतकों में से 95 लोगों की मौत और 997 लोगों के घायल होने की रिपोर्ट सामने आई है, जबकि पेरेइरा में 79 लोगों की मौत और 278 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला ने बताया था कि भूकंप से 1,575 घरों को नुकसान पहुंचा। साथ ही छह हवाई अड्डों का बुनियादी ढांचा भी प्रभावित हुआ है, जिसके चलते वहां वाणिज्यिक उड़ान सेवाएं रोक दी गई हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने राष्ट्रीय आपदा की घोषणा कर दी थी। भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 7:34 बजे पश्चिमी कोलंबिया में आया था। इसका केंद्र चोको विभाग के सैन जोस देल पाल्मार के पास था और इसकी गहराई 96 किलोमीटर दर्ज की गई।
दुनिया भर के कई नेताओं ने कोलंबिया के लोगों के प्रति अपनी संवेदना और समर्थन व्यक्त किया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि इस कठिन समय में कोलंबिया फ्रांस की दोस्ती और समर्थन पर भरोसा कर सकता है। उन्होंने भूकंप प्रभावित लोगों के प्रति अपनी एकजुटता भी जताई। मैक्रों ने एक्स पर लिखा- कोलंबिया में आए इस भयानक भूकंप के बीच मैं फ्रांस की ओर से कोलंबिया की जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।

मेरी संवेदनाएं पीड़ितों, उनके परिवारों, घायलों और इस आपदा से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। हम बचाव टीमों और उन सभी लोगों के साथ भी खड़े हैं, जो साहस के साथ प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी कोलंबिया के लोगों के प्रति समर्थन और एकजुटता जताई। उन्होंने दुनिया भर के लोगों से अपील की कि वे इस आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आएं।
गांधीनगर | गुजरात ने अंगदान तथा प्रत्यारोपण के क्षेत्र में ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। गत 3 अगस्त, 2026 को ‘राष्ट्रीय अंगदान दिवस’ के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित ‘16वें इंडियन नेशनल ऑर्गन डोनेशन डे’ समारोह में गुजरात को तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।
• अंग प्रत्यारोपण क्षेत्र में देशभर में अग्रणी स्थान रखने वाले आईकेडीआरसी संस्थान को “एक्सीलेंस इन लीडिंग गवर्नमेंट हॉस्पिटल इन ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन” अवॉर्ड
• मृत दाताओं से सफलतापूर्वक अंगों के रिट्रीवल के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल को “बेस्ट नॉन-ट्रांसप्लांट ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर (एनटीओआरसी)” का अवॉर्ड
• ब्रेन स्टेम डेथ की समय पर पहचान, परिजनों की संवेदनशील काउंसलिंग और वैज्ञानिक प्रक्रिया के लिए सूरत के नए सिविल अस्पताल को “बेस्ट ब्रेन स्टेम डेथ टीम” का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
गुजरात के स्वास्थ्य विभाग को मिली इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के अवॉर्ड्स बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने प्रस्तुत किए।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी और समग्र मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग के इस प्रशंसनीय कार्य की सराहना करते हुए अभिनंदन दिया।
गांधीनगर | गुजरात ने अंगदान तथा प्रत्यारोपण के क्षेत्र में ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। गत 3 अगस्त, 2026 को ‘राष्ट्रीय अंगदान दिवस’ के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित ‘16वें इंडियन नेशनल ऑर्गन डोनेशन डे’ समारोह में गुजरात को तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।
• अंग प्रत्यारोपण क्षेत्र में देशभर में अग्रणी स्थान रखने वाले आईकेडीआरसी संस्थान को “एक्सीलेंस इन लीडिंग गवर्नमेंट हॉस्पिटल इन ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन” अवॉर्ड
• मृत दाताओं से सफलतापूर्वक अंगों के रिट्रीवल के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल को “बेस्ट नॉन-ट्रांसप्लांट ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर (एनटीओआरसी)” का अवॉर्ड
• ब्रेन स्टेम डेथ की समय पर पहचान, परिजनों की संवेदनशील काउंसलिंग और वैज्ञानिक प्रक्रिया के लिए सूरत के नए सिविल अस्पताल को “बेस्ट ब्रेन स्टेम डेथ टीम” का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी और समग्र मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग के इस प्रशंसनीय कार्य की सराहना करते हुए अभिनंदन दिया।
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• ब्रेन स्टेम डेथ की समय पर पहचान, परिजनों की संवेदनशील काउंसलिंग और वैज्ञानिक प्रक्रिया के लिए सूरत के नए सिविल अस्पताल को “बेस्ट ब्रेन स्टेम डेथ टीम” का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी और समग्र मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग के इस प्रशंसनीय कार्य की सराहना करते हुए अभिनंदन दिया।
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• मृत दाताओं से सफलतापूर्वक अंगों के रिट्रीवल के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल को “बेस्ट नॉन-ट्रांसप्लांट ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर (एनटीओआरसी)” का अवॉर्ड
• ब्रेन स्टेम डेथ की समय पर पहचान, परिजनों की संवेदनशील काउंसलिंग और वैज्ञानिक प्रक्रिया के लिए सूरत के नए सिविल अस्पताल को “बेस्ट ब्रेन स्टेम डेथ टीम” का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी और समग्र मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग के इस प्रशंसनीय कार्य की सराहना करते हुए अभिनंदन दिया।
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• अंग प्रत्यारोपण क्षेत्र में देशभर में अग्रणी स्थान रखने वाले आईकेडीआरसी संस्थान को “एक्सीलेंस इन लीडिंग गवर्नमेंट हॉस्पिटल इन ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन” अवॉर्ड
• मृत दाताओं से सफलतापूर्वक अंगों के रिट्रीवल के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल को “बेस्ट नॉन-ट्रांसप्लांट ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर (एनटीओआरसी)” का अवॉर्ड
• ब्रेन स्टेम डेथ की समय पर पहचान, परिजनों की संवेदनशील काउंसलिंग और वैज्ञानिक प्रक्रिया के लिए सूरत के नए सिविल अस्पताल को “बेस्ट ब्रेन स्टेम डेथ टीम” का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी और समग्र मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग के इस प्रशंसनीय कार्य की सराहना करते हुए अभिनंदन दिया।