- 1991-92 में इस्पात मंत्रालय की रिपोर्ट से शुरू हुआ बदलाव का दौर
नई दिल्ली । भारत के इस्पात क्षेत्र ने 1991-92 में एक नए युग में प्रवेश किया, जब सरकार ने इसे लाइसेंसिंग और मूल्य नियंत्रण से मुक्त कर दिया। इस्पात मंत्रालय की उस वर्ष की रिपोर्ट ने घोषणा की कि इस्पात उत्पादन अब केवल सार्वजनिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, जिसने जुलाई 1991 की नई औद्योगिक नीति के तहत उद्योग को निजी भागीदारी के लिए खोल दिया। इस्पात पहला प्रमुख क्षेत्र था जिसे लाइसेंस की शर्त से मुक्त किया गया।
अब क्षमता बढ़ाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता समाप्त हो गई, केवल स्थान संबंधी कुछ पाबंदियां रहीं। 1 जनवरी, 1992 से सरकार ने कीमत और वितरण पर भी नियंत्रण खत्म कर दिए, जिससे सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों की कंपनियों को सख्त नियम-कायदों से आजादी मिली। इन सुधारों ने विदेशी निवेश के रास्ते खोले और कच्चे माल तथा उपकरणों के आयात संबंधी बाधाएं कम कीं। परिणामस्वरूप, कभी सनसेट इंडस्ट्री कहे जाने वाले इस उद्योग का कायापलट हो गया।
स्वतंत्रता के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के प्रभुत्व वाले इस उद्योग की कमान अब निजी कंपनियों के हाथों में आ गई, जिसने अगले तीन दशकों में तीव्र आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा दिया। उदारीकरण से पहले 1990-91 में देश के 1.32 करोड़ टन इस्पात उत्पादन में सार्वजनिक क्षेत्र की हिस्सेदारी 46 फीसदी थी, जबकि टाटा स्टील एकमात्र एकीकृत निजी उत्पादक था। अब निजी क्षेत्र का प्रभुत्व स्पष्ट है।
भोपाल । भोपाल मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट पर काम कर रही दोनों टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) अब तक 260 मीटर सुरंग बना चुकी है। भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड के नीचे से अंडरग्राउंड रूट निकल रहा है। मेट्रो अफसरों की माने तो अगले डेढ़ से दो साल में अंडरग्राउंड रूट का काम पूरा कर लिया जाएगा।
घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी और सड़क यातायात का दबाव कम करने के उद्देश्य से भूमिगत कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। भूमिगत सुरंग का निर्माण दो चरण में किया जा रहा है। प्रथम चरण में दोनों टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) भोपाल रेलवे स्टेशन से ऐशबाग की ओर आगे बढ़ रही हैं।
सुरंगें जमीन से करीब 60 फीट नीचे बनाई जा रही हैं। निर्माण कार्य में दोनों टीबीएम अब तक करीब 260 मीटर सुरंग का निर्माण कर चुकी है।
पहली टीबीएम लगभग 160 मीटर और दूसरी करीब 100 मीटर सुरंग बना चुकी है। सुरंग निर्माण के दौरान टीबीएम मिट्टी को काटते हुए आगे बढ़ रही है और इसके साथ सुरंग के भीतर स्थायी प्री-कॉस्ट आरसीसी रिंग बना रही है। इससे भूमिगत सुरंग की संरचनात्मक स्थिरता सुनिश्चित करने में सहायता मिल रही है।
भूमिगत निर्माण में आमजन, भवनों एवं श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सुरंग के ऊपर स्थित भवनों एवं अन्य संरचनाओं में संभावित कंपन (वाइब्रेशन) और जमीन के बैठने (सेटलमेंट) की निगरानी के लिए इंस्ट्रूमेंटेशन एवं मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इससे किसी भी असामान्य बदलाव की समय रहते जानकारी प्राप्त कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, मजदूरों की सुरक्षा के लिए फ्रेश एयर वेंटिलेशन सिस्टम और गैस मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। सुरंग में गैस की नियमित जांच के साथ 24 घंटे सुरक्षा निगरानी की जा रही है।
प्रदेश में पहली बार दो टनल मशीनें उतरीं
जानकारी के अनुसार, प्रदेश में पहली बार इस प्रकार की दो टनल बोरिंग मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। यह सुरंग ऐशबाग से सिंधी कॉलोनी के बीच निर्मित की जा रही है, जो भोपाल रेलवे स्टेशन एवं नादरा बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगी।
टीबीएम तकनीक को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह घनी आबादी वाले एवं संवेदनशील शहरी क्षेत्र के नीचे उच्च सटीकता और सुरक्षा के साथ कार्य कर सके।

राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित
राज्यसभा की कार्यावही कुछ देर चलने के बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी एमपी एनके प्रेमचंद्रन ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सांसद मनीष तिवारी ने दलबदल विरोधी कानून पर स्थगन प्रस्ताव दिया। उन्होंने नए दलबदल विरोधी कानून की जरूरत पर चर्चा कराने की मांग की।
अपने नोटिस में तिवारी ने दिन के लिए तय कामकाज को स्थगित कर बड़े पैमाने पर राजनीतिक दलबदल रोकने के लिए नए कानून का ढांचा तैयार करने पर चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में ऐसे दलबदल पर रोक लगनी चाहिए, जो सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए किए जाते हैं और जिनके पीछे कोई वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद नहीं होते। साथ ही, संसद और विधानसभाओं के अंदर और बाहर ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति के लिए भी जगह बनी रहनी चाहिए।
सहमति के लिए भी जगह बनी रहनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने दिया स्थगन प्रस्ताव
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को लोकसभा में अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने यह भी मांग की कि सदन केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट के एक जज की निगरानी में उच्च स्तरीय और स्वतंत्र जांच कराने का निर्देश दे।
केसी वेणुगोपाल ने कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। इसमें उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंदर एक 'संगठित गिरोह' के काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, अयोध्या के राम मंदिर में जनता से मिले चढ़ावे की बड़ी रकम में वित्तीय धोखाधड़ी, चोरी और गबन के चौंकाने वाले खुलासों पर चर्चा की तत्काल जरूरत है। हाल की रिपोर्ट से पता चलता है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंदर एक बेहद संगठित गिरोह काम कर रहा है। इसमें लाखों श्रद्धालुओं चढ़ावे और कीमती गहनों को व्यवस्थित तरीके से हड़पने का आरोप है।
उन्होंने कथित चोरी की जांच के लिए चल रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की जांच को 'सिर्फ दिखावा' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें केवल निचले स्तर के आउटसोर्स कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि करोड़ों रुपये के इस कथित गबन की साजिश रचने वाले प्रभावशाली लोगों को बचाया जा सकता है।
सांसद मनीष तिवारी ने दलबदल विरोधी कानून पर स्थगन प्रस्ताव दिया। उन्होंने नए दलबदल विरोधी कानून की जरूरत पर चर्चा कराने की मांग की।
अपने नोटिस में तिवारी ने दिन के लिए तय कामकाज को स्थगित कर बड़े पैमाने पर राजनीतिक दलबदल रोकने के लिए नए कानून का ढांचा तैयार करने पर चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में ऐसे दलबदल पर रोक लगनी चाहिए, जो सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए किए जाते हैं और जिनके पीछे कोई वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद नहीं होते। साथ ही, संसद और विधानसभाओं के अंदर और बाहर ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति के लिए भी जगह बनी रहनी चाहिए।
राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित
राज्यसभा की कार्यावही कुछ देर चलने के बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी एमपी एनके प्रेमचंद्रन ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सांसद मनीष तिवारी ने दलबदल विरोधी कानून पर स्थगन प्रस्ताव दिया। उन्होंने नए दलबदल विरोधी कानून की जरूरत पर चर्चा कराने की मांग की।
अपने नोटिस में तिवारी ने दिन के लिए तय कामकाज को स्थगित कर बड़े पैमाने पर राजनीतिक दलबदल रोकने के लिए नए कानून का ढांचा तैयार करने पर चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में ऐसे दलबदल पर रोक लगनी चाहिए, जो सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए किए जाते हैं और जिनके पीछे कोई वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद नहीं होते। साथ ही, संसद और विधानसभाओं के अंदर और बाहर ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति के लिए भी जगह बनी रहनी चाहिए।
सहमति के लिए भी जगह बनी रहनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने दिया स्थगन प्रस्ताव
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को लोकसभा में अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने यह भी मांग की कि सदन केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट के एक जज की निगरानी में उच्च स्तरीय और स्वतंत्र जांच कराने का निर्देश दे।
केसी वेणुगोपाल ने कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। इसमें उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंदर एक 'संगठित गिरोह' के काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, अयोध्या के राम मंदिर में जनता से मिले चढ़ावे की बड़ी रकम में वित्तीय धोखाधड़ी, चोरी और गबन के चौंकाने वाले खुलासों पर चर्चा की तत्काल जरूरत है। हाल की रिपोर्ट से पता चलता है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंदर एक बेहद संगठित गिरोह काम कर रहा है। इसमें लाखों श्रद्धालुओं चढ़ावे और कीमती गहनों को व्यवस्थित तरीके से हड़पने का आरोप है।
उन्होंने कथित चोरी की जांच के लिए चल रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की जांच को 'सिर्फ दिखावा' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें केवल निचले स्तर के आउटसोर्स कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि करोड़ों रुपये के इस कथित गबन की साजिश रचने वाले प्रभावशाली लोगों को बचाया जा सकता है।
सांसद मनीष तिवारी ने दलबदल विरोधी कानून पर स्थगन प्रस्ताव दिया। उन्होंने नए दलबदल विरोधी कानून की जरूरत पर चर्चा कराने की मांग की।
अपने नोटिस में तिवारी ने दिन के लिए तय कामकाज को स्थगित कर बड़े पैमाने पर राजनीतिक दलबदल रोकने के लिए नए कानून का ढांचा तैयार करने पर चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में ऐसे दलबदल पर रोक लगनी चाहिए, जो सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए किए जाते हैं और जिनके पीछे कोई वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद नहीं होते। साथ ही, संसद और विधानसभाओं के अंदर और बाहर ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति के लिए भी जगह बनी रहनी चाहिए।
राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित
राज्यसभा की कार्यावही कुछ देर चलने के बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी एमपी एनके प्रेमचंद्रन ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सांसद मनीष तिवारी ने दलबदल विरोधी कानून पर स्थगन प्रस्ताव दिया। उन्होंने नए दलबदल विरोधी कानून की जरूरत पर चर्चा कराने की मांग की।
अपने नोटिस में तिवारी ने दिन के लिए तय कामकाज को स्थगित कर बड़े पैमाने पर राजनीतिक दलबदल रोकने के लिए नए कानून का ढांचा तैयार करने पर चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में ऐसे दलबदल पर रोक लगनी चाहिए, जो सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए किए जाते हैं और जिनके पीछे कोई वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद नहीं होते। साथ ही, संसद और विधानसभाओं के अंदर और बाहर ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति के लिए भी जगह बनी रहनी चाहिए।
सहमति के लिए भी जगह बनी रहनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने दिया स्थगन प्रस्ताव
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को लोकसभा में अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने यह भी मांग की कि सदन केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट के एक जज की निगरानी में उच्च स्तरीय और स्वतंत्र जांच कराने का निर्देश दे।
केसी वेणुगोपाल ने कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। इसमें उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंदर एक 'संगठित गिरोह' के काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, अयोध्या के राम मंदिर में जनता से मिले चढ़ावे की बड़ी रकम में वित्तीय धोखाधड़ी, चोरी और गबन के चौंकाने वाले खुलासों पर चर्चा की तत्काल जरूरत है। हाल की रिपोर्ट से पता चलता है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंदर एक बेहद संगठित गिरोह काम कर रहा है। इसमें लाखों श्रद्धालुओं चढ़ावे और कीमती गहनों को व्यवस्थित तरीके से हड़पने का आरोप है।
उन्होंने कथित चोरी की जांच के लिए चल रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की जांच को 'सिर्फ दिखावा' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें केवल निचले स्तर के आउटसोर्स कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि करोड़ों रुपये के इस कथित गबन की साजिश रचने वाले प्रभावशाली लोगों को बचाया जा सकता है।
सांसद मनीष तिवारी ने दलबदल विरोधी कानून पर स्थगन प्रस्ताव दिया। उन्होंने नए दलबदल विरोधी कानून की जरूरत पर चर्चा कराने की मांग की।
अपने नोटिस में तिवारी ने दिन के लिए तय कामकाज को स्थगित कर बड़े पैमाने पर राजनीतिक दलबदल रोकने के लिए नए कानून का ढांचा तैयार करने पर चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में ऐसे दलबदल पर रोक लगनी चाहिए, जो सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए किए जाते हैं और जिनके पीछे कोई वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद नहीं होते। साथ ही, संसद और विधानसभाओं के अंदर और बाहर ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति के लिए भी जगह बनी रहनी चाहिए।
राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित
राज्यसभा की कार्यावही कुछ देर चलने के बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी एमपी एनके प्रेमचंद्रन ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सांसद मनीष तिवारी ने दलबदल विरोधी कानून पर स्थगन प्रस्ताव दिया। उन्होंने नए दलबदल विरोधी कानून की जरूरत पर चर्चा कराने की मांग की।
अपने नोटिस में तिवारी ने दिन के लिए तय कामकाज को स्थगित कर बड़े पैमाने पर राजनीतिक दलबदल रोकने के लिए नए कानून का ढांचा तैयार करने पर चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में ऐसे दलबदल पर रोक लगनी चाहिए, जो सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए किए जाते हैं और जिनके पीछे कोई वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद नहीं होते। साथ ही, संसद और विधानसभाओं के अंदर और बाहर ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति के लिए भी जगह बनी रहनी चाहिए।
सहमति के लिए भी जगह बनी रहनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने दिया स्थगन प्रस्ताव
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को लोकसभा में अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने यह भी मांग की कि सदन केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट के एक जज की निगरानी में उच्च स्तरीय और स्वतंत्र जांच कराने का निर्देश दे।
केसी वेणुगोपाल ने कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। इसमें उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंदर एक 'संगठित गिरोह' के काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, अयोध्या के राम मंदिर में जनता से मिले चढ़ावे की बड़ी रकम में वित्तीय धोखाधड़ी, चोरी और गबन के चौंकाने वाले खुलासों पर चर्चा की तत्काल जरूरत है। हाल की रिपोर्ट से पता चलता है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंदर एक बेहद संगठित गिरोह काम कर रहा है। इसमें लाखों श्रद्धालुओं चढ़ावे और कीमती गहनों को व्यवस्थित तरीके से हड़पने का आरोप है।
उन्होंने कथित चोरी की जांच के लिए चल रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की जांच को 'सिर्फ दिखावा' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें केवल निचले स्तर के आउटसोर्स कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि करोड़ों रुपये के इस कथित गबन की साजिश रचने वाले प्रभावशाली लोगों को बचाया जा सकता है।
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अपने नोटिस में तिवारी ने दिन के लिए तय कामकाज को स्थगित कर बड़े पैमाने पर राजनीतिक दलबदल रोकने के लिए नए कानून का ढांचा तैयार करने पर चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में ऐसे दलबदल पर रोक लगनी चाहिए, जो सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए किए जाते हैं और जिनके पीछे कोई वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद नहीं होते। साथ ही, संसद और विधानसभाओं के अंदर और बाहर ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति के लिए भी जगह बनी रहनी चाहिए।
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सहमति के लिए भी जगह बनी रहनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने दिया स्थगन प्रस्ताव
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को लोकसभा में अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने यह भी मांग की कि सदन केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट के एक जज की निगरानी में उच्च स्तरीय और स्वतंत्र जांच कराने का निर्देश दे।
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सांसद मनीष तिवारी ने दलबदल विरोधी कानून पर स्थगन प्रस्ताव दिया। उन्होंने नए दलबदल विरोधी कानून की जरूरत पर चर्चा कराने की मांग की।
अपने नोटिस में तिवारी ने दिन के लिए तय कामकाज को स्थगित कर बड़े पैमाने पर राजनीतिक दलबदल रोकने के लिए नए कानून का ढांचा तैयार करने पर चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में ऐसे दलबदल पर रोक लगनी चाहिए, जो सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए किए जाते हैं और जिनके पीछे कोई वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद नहीं होते। साथ ही, संसद और विधानसभाओं के अंदर और बाहर ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति के लिए भी जगह बनी रहनी चाहिए।
राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित
राज्यसभा की कार्यावही कुछ देर चलने के बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी एमपी एनके प्रेमचंद्रन ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सांसद मनीष तिवारी ने दलबदल विरोधी कानून पर स्थगन प्रस्ताव दिया। उन्होंने नए दलबदल विरोधी कानून की जरूरत पर चर्चा कराने की मांग की।
अपने नोटिस में तिवारी ने दिन के लिए तय कामकाज को स्थगित कर बड़े पैमाने पर राजनीतिक दलबदल रोकने के लिए नए कानून का ढांचा तैयार करने पर चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में ऐसे दलबदल पर रोक लगनी चाहिए, जो सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए किए जाते हैं और जिनके पीछे कोई वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद नहीं होते। साथ ही, संसद और विधानसभाओं के अंदर और बाहर ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति के लिए भी जगह बनी रहनी चाहिए।
सहमति के लिए भी जगह बनी रहनी चाहिए।
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सांसद मनीष तिवारी ने दलबदल विरोधी कानून पर स्थगन प्रस्ताव दिया। उन्होंने नए दलबदल विरोधी कानून की जरूरत पर चर्चा कराने की मांग की।
अपने नोटिस में तिवारी ने दिन के लिए तय कामकाज को स्थगित कर बड़े पैमाने पर राजनीतिक दलबदल रोकने के लिए नए कानून का ढांचा तैयार करने पर चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में ऐसे दलबदल पर रोक लगनी चाहिए, जो सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए किए जाते हैं और जिनके पीछे कोई वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद नहीं होते। साथ ही, संसद और विधानसभाओं के अंदर और बाहर ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति के लिए भी जगह बनी रहनी चाहिए।