सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल
Aug 05, 2026
\नई दिल्ली । घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी दर्ज की गई है। निवेशकों के बढ़ते भरोसे और कुछ महत्वपूर्ण वैश्विक आर्थिक संकेतों ने इन कीमती धातुओं को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। विशेष रूप से, चांदी लगातार तीसरे कारोबारी दिन बढ़त बनाए रखने में सफल रही है, जो बाजार में उसकी मजबूत मांग को दर्शाता है।
राजधानी नई दिल्ली के सराफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतें 1,42,900 प्रति 10 ग्राम के महत्वपूर्ण स्तर पर बनी हुई हैं, जो बाजार में मजबूत धारणा को दर्शाती हैं। हालांकि, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोना इस स्तर पर स्थिर कारोबार कर रहा है, लेकिन यह पिछले सत्रों की तेजी और कुल मिलाकर सकारात्मक रुझान को दर्शाता है। वहीं, चांदी ने अपनी चमक और बढ़ाई है, और अब यह 2,23,654 प्रति किलोग्राम के आंकड़े को पार कर गई है। चांदी की यह लगातार तीसरी दैनिक बढ़त बाजार में उसकी मजबूत मांग और निवेशकों की दिलचस्पी को उजागर करती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। सोने की कीमत 0.82 प्रतिशत उछलकर डॉलर 4,186 प्रति औंस पर पहुंच गई है, जबकि चांदी ने और भी तेज रफ्तार पकड़ी है। चांदी 1.30 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 61.03 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। वैश्विक स्तर पर इन धातुओं की बढ़ती कीमतें घरेलू बाजारों पर भी सीधा असर डाल रही हैं, जिससे भारतीय निवेशकों को भी लाभ मिल रहा है।
इस तेजी के पीछे कई आर्थिक कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं। प्रमुख रूप से, कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट ने निवेशकों के बीच महंगाई बढ़ने की चिंताओं को कुछ हद तक कम किया है। महंगाई कम होने की उम्मीद से सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्ति की मांग बढ़ती है, क्योंकि यह पारंपरिक रूप से मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव के रूप में देखा जाता है। इसके अतिरिक्त, निवेशकों को अब यह उम्मीद है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम हो सकती है। ब्याज दरों में कम बढ़ोतरी का मतलब है कि गैर-लाभकारी संपत्ति होने के बावजूद सोने में निवेश अधिक आकर्षक हो जाता है, क्योंकि इसकी अवसर लागत कम हो जाती है।
बाजार की निगाहें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों पर टिकी हैं। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से जुड़ी घोषणाएं और ब्याज दरों पर उसका रुख आने वाले समय में सोने की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जब तक ब्याज दरों को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बाजार में कुछ अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन मौजूदा संकेत सोने और चांदी के लिए सकारात्मक बने हुए हैं, जिससे आने वाले समय में भी इनकी कीमतों में और मजबूती देखने को मिल सकती है। निवेशक इस समय सतर्कता के साथ निवेश के अवसरों पर नजर बनाए हुए हैं।