भोपाल रेलवे स्टेशन पर गंदगी पड़ी भारी

Aug 12, 2026

- एनजीटी के निर्देश पर 10.06 लाख रुपये का जुर्माना, वसूली का नोटिस जारी
भोपाल। भोपाल रेलवे स्टेशन पर गंदगी के मामले में मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में 10.06 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि का आकलन पेश किया है। सुनवाई में एनजीटी कोर्ट के न्यायमूर्ति एसके सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने बताया कि रेलवे से इस राशि की वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया है।

सुनवाई के दौरान रेलवे ने अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें पिछली सुनवाई के निर्देशों के अनुसार पर्यावरणीय क्षति का आकलन किया गया। रेलवे ने नोटिस का जवाब देने के लिए समय मांगा, जिसे एनजीटी ने दो सप्ताह का समय दिया।

अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। सुनवाई के दौरान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से बताया गया कि एनजीटी की वेबसाइट के पोर्टल पर उसका नाम प्रदर्शित नहीं हो रहा है। इस पर पीठ ने रजिस्ट्री को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि सीपीसीबी अपना जवाब दाखिल कर सके। इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।

कचरा प्रबंधन की बदहाल स्थिति

एनजीटी के समक्ष पेश की गई संयुक्त समिति की रिपोर्ट में भोपाल रेलवे स्टेशन पर कचरा प्रबंधन में कई खामियां सामने दर्शाई गईं। प्लेटफार्म नंबर चार और पांच के पास नालियां चोक और ओवरफ्लो मिलीं, जबकि प्लेटफार्म छह पर ठोस कचरा भंडारण स्थल पूरी तरह ढंका नहीं था।

रेलवे ट्रैक और आसपास कचरे से भरे बैग भी मिले थे। रिपोर्ट में कचरे के आदर्श संग्रहण और गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण की व्यवस्था को भी संतोषजनक नहीं पाया गया। निरीक्षण के दौरान कचरा भंडारण के नए स्थल के निर्माण की जानकारी दी गई थी।




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