भारत के साथ अंतरिक्ष सहयोग बढ़ाएगा ऑस्ट्रेलिया, निजी क्षेत्र पर विशेष ज़ोर

Sep 05, 2026

- बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में कई एमओयू की उम्मीद; गगनयान में भी सहयोग

नई दिल्‍ली । ऑस्ट्रेलिया भारत के तेजी से बढ़ते अंतरिक्ष क्षेत्र में वाणिज्यिक सहयोग बढ़ाने का इच्छुक है, जिसका उद्देश्य पृथ्वी अवलोकन, छोटे उपग्रह निर्माण और जैव-प्रौद्योगिकी जैसे विविध क्षेत्रों में भागीदारी करना है। ऑस्ट्रेड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगले सप्ताह बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में भारतीय कंपनियों के साथ तीन से पांच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

ऑस्ट्रेड के व्यापार एवं निवेश आयुक्त नाथन डेविस ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया पृथ्वी अवलोकन, छोटे उपग्रहों के निर्माण व प्रक्षेपण सेवाओं, ट्रैकिंग और जैव-प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग के साथ मिलकर काम करना चाहता है। विशेष रूप से फार्मास्यूटिकल्स में माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान भी एक संभावित क्षेत्र है। अगले सप्ताह बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में ऑस्ट्रेलिया प्रौद्योगिकी देश भागीदार के रूप में भाग लेगा, जिसमें नौ कंपनियों और तीन विश्वविद्यालयों सहित 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा।

सिडनी स्थित स्पेस मशीन्स और लैटकनेक्ट 60 जैसी कंपनियां पहले ही भारतीय स्टार्टअप के साथ साझेदारी कर चुकी हैं, जबकि रिसर्चसैट जैसी कंपनियां भारत में भागीदार तलाश रही हैं। ऑस्ट्रेलिया का अंतरिक्ष क्षेत्र वर्तमान में $4.6 अरब का वार्षिक टर्नओवर और 17,000 रोजगार प्रदान करता है, जिसका लक्ष्य इसे कुछ वर्षों में $12-13 अरब तक बढ़ाना है।

दोनों देश भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन के लिए पहले से ही सहयोग कर रहे हैं, जिसमें ऑस्ट्रेलिया टेलीमेट्री ट्रैकिंग और क्रू-मॉड्यूल रिकवरी क्षमताओं में योगदान दे रहा है। भारतीय कंपनियां ऑस्ट्रेलिया की प्रक्षेपण सुविधाओं का उपयोग कर सकती हैं, जबकि ऑस्ट्रेलियाई कंपनियां भारत के बढ़ते प्रक्षेपण पारिस्थितिकी तंत्र का लाभ उठा सकती हैं।


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