जनभागीदारी से भर्ती कर्मचारियों का बोझ कॉलेजों पर डालने का आदेश पलटा
Aug 31, 2026
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सरकार की अपील मंजूर की, सिंगल बेंच का का आदेश खारिज
जबलपुर,। कॉलेजों में जनभागीदारी समिति के माध्यम से भर्ती किए गए कर्मचारियों को लेकर दिए गए सिंगल बेंच के आदेश से राज्य सरकार को राहत मिली है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सरकार की अपील स्वीकार करते हुए 16 अक्टूबर 2025 को सिंगल बेंच द्वारा पारित आदेश को खारिज कर दिया।
मामले में यह महत्वपूर्ण सवाल सामने आया था कि जनभागीदारी समिति के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों से जुड़ा अतिरिक्त वित्तीय दायित्व कॉलेजों पर डालने का असर उनके सीमित संसाधनों और शिक्षा व्यवस्था पर कितना पड़ेगा।
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि कॉलेजों को पहले से ही उपलब्ध संसाधनों के भीतर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं संचालित करनी पड़ती हैं। ऐसे में जनभागीदारी समिति से भर्ती कर्मचारियों के संबंध में अतिरिक्त वित्तीय भार डालने से कॉलेजों के संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ने की आशंका है।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार की अपील मंजूर कर ली। इसके साथ ही सिंगल बेंच का 16 अक्टूबर 2025 का आदेश निरस्त हो गया। हाईकोर्ट के इस फैसले से जनभागीदारी समिति के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों से जुड़े वित्तीय दायित्व के मामले में स्थिति महत्वपूर्ण रूप से बदल गई है।