जब खेल भावना भूलकर दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ने की थी कपिल देव से बदतमीजी
Dec 04, 2023
नई दिल्ली । क्रिकेट के इतिहास में एक दिन ऐसा भी आया जब खेल भावना भूलकर दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ने कपिल देव से बदतमीजी की थी। पोर्ट एलिजाबेथ में 9 दिसंबर 1992 को खेले गए सीरीज के दूसरे वनडे मैच की वह घटना जब कपिल देव की जांघ पर दक्षिण अफ्रीका के कप्तान केपलर वेसल्स ने बल्ला मार दिया था। रंगभेद नीति के कारण दक्षिण अफ्रीका ने कई वर्षों तक इंटरनेशनल क्रिकेट के प्रतिबंध का सामना किया। दक्षिण अफ्रीका की सरकार की रंगभेद नीति के खिलाफ आईसीसी ने 1970 में उसे प्रतिबंधित कर दिया था। 21 साल बाद 1991 में भारत के खिलाफ वनडे सीरीज खेलकर दक्षिण अफ्रीका ने इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की। इसके बाद भारतीय टीम ने वर्ष 1992 में चार टेस्ट और सात वनडे मैचों की सीरीज के लिए दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया था। टेस्ट और वनडे, दोनों ही सीरीज में दक्षिण अफ्रीका ने जीत हासिल की थी लेकिन इस दौरान हुए एक विवाद ने क्रिकेट जगत में सुर्खियां बटोरी थीं।
गौरतलब है कि भारतीय टीम को तीन टी20आई, तीन वनडे और दो टेस्ट की सीरीज के लिए इसी माह दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर रवाना होना है। पोर्ट एलिजाबेथ में 9 दिसंबर 1992 को खेले गए सीरीज के दूसरे वनडे मैच में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान केपलर वेसल्स ने कथित तौर पर भारत के हरफनमौला कपिल देव की जांघ पर बल्ला मार दिया था। माना जाता है कि कपिल देव द्वारा दक्षिण अफ्रीकी बैटर पीटर कर्स्टन को ‘मांकडिंग’ आउट करने से खफा होकर वेसल्स ने यह हरकत की थी। बता दें, ‘मांकडिंग’ को आईसीसी ने अब खत्म कर करते हुए रन आउट की श्रेणी में रख दिया है। इससे पूर्व, ‘मांकडिंग’कई मौकों पर विवाद का कारण भी बन चुका है। किसी बैटर को ‘मांकडिंग’से आउट करने को खेल की मूलभावना के विपरीत माना जाता था।
हालांकि कपिल देव और वेसल्स से जुड़े मामले में स्थिति दूसरी थी। कपिल ने दक्षिण अफ्रीका के पीटर कर्स्टन को ‘मांकडिंग’आउट करने से पहले उन्हें दो से तीन बार चेतावनी दी थी लेकिन इसके बावजूद वे बॉलर के गेंद फेंकने से पहले ही नॉन स्ट्राइकर एंड से बाहर निकल रहे थे। इसके बाद कपिल ने कर्स्टन को ‘मांकडिंग’ आउट कर दिया था। इस घटना ने दोनों टीमों के बीच तल्खी बढ़ा दी थी। पीटर कर्स्टन के साथ उस समय टीम के कप्तान वेसल्स क्रीज पर थे। आरोप है कि वेसल्स ने इससे नाराज होकर रन दौड़ते हुए ‘इरादतन’ कपिलदेव की जांघ पर बल्ले से प्रहार किया था।