इन शिकायतों का आज तक नहीं हुआ निपटारा

Nov 26, 2024

पांच साल में 40 हजार से अधिक भवनों में खुली जगह में किया निर्माण, एक पर भी नहीं हुई कार्रवाई 

2000 से अधिक शिकायतें लंबित 

निर्माण अनुमति में सामने और साइड में मिनिमम ओपन स्पेस छोड़ना जरूरी

भोपाल। नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा अवैध और अतिरिक्त निर्माण को वैध करने पर तो जोर तो दे रही है, लेकिन अभी जो निर्माण अवैध और अतिरिक्त हो रहे हैं उन्हें रोकने कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। शहर के बीते पांच साल में बने भवनों में से 60 फ़ीसदी में अवेध अतिरिक्त निर्माण हो गए।  भवन अनुज्ञा शाखा यदि ईमानदारी के साथ सामान्य शिकायतों के आधार पर ही कार्रवाई करें तो शहर में अवैध और अतिरिक्त निर्माण बड़ी संख्या में हट सकते हैं। शहर में अवैध व अतिरिक्त निर्माण को लेकर भवन अनुज्ञा शाखा के पास 2,000 से अधिक शिकायतें साल भर से अधिक समय से लंबित है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही। नोटिस देकर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है।  कोलार से लेकर अशोका गार्डन, नेहरू नगर, पुराने भोपाल के करोद, भानपुर, एमपी नगर, बावड़िया कला से चुना भट्टी तक अवैध और अतिरिक्त निर्माण की दर्जनों शिकायत निपटान के इंतजार में है। गौरतलब है कि शासन ने 30 फ़ीसदी तक अतिरिक्त निर्माण को वैध करने के लिए कंपाउंडिंग नियमों में बदलाव किया है। लेकिन मौजूदा स्थिति देखते हुए यह सीमा भी कम लग रही है। लोगों ने 60 से 100 फीसदी तक अतिरिक्त निर्माण किए हुए हैं। 

- इंद्रपुरी में नाले की दीवार पर ही व्यवसायिक कॉन्प्लेक्स की दीवार बनाकर तीन मंजिला भवन बना लिया गया। शिकायत हुई, लेकिन संबंधित क्षेत्र के भवन अनुज्ञा के इंजीनियरों ने मिलीभगत की हुई है। अब तक कोई कार्यवाही नहीं की। 

- कोलार के दानिश हिल्स पर पंजीयन विभाग के एक बड़े अफसर ने अनुमति से विपरीत निर्माण करते हुए 4 मंजिला भवन खड़ा कर लिया। इसकी लगातार शिकायतें की जा रही है। शिकायतकर्ता विवेक दीक्षित का कहना है कि जब शिकायत की थी, तब निर्माण शुरू ही हुआ था। अब तो यह चार मंजिल हो गया है। कार्यवाही नहीं की गई।

-अशोका गार्डन में 8 भवन अनुमति के विपरीत तैयार हो गए। चार से पांच मंजिला इन भवनों में कोई खुला स्थान नही छोड़ा। अतिरिक्त मंजिलें तक बना ली गई। बिना फ्रंट और साइड एमओ एस वाली इन भवनों की शिकायतकर्ता सतीश नायक 96 सीएम हेल्पलाइन लगा चुके हैं, लेकिन हमेशा उनके असंतुष्ट होने पर भी शिकायतें बंद कर दी जाती है।

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