पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना से कहीं थीं कई बातें
Aug 26, 2026
-पूर्व सीडीएस ने किया खुलासा
नई दिल्ली । भारत के पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद के हालात पर हुई एक चर्चा के दौरान कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान की किराना हिल्स को निशाना नहीं बनाया था, जहां कथित तौर पर परमाणु प्रतिष्ठान होने की बात कही जाती है।
जनरल चौहान ने बताया कि वास्तव में, सरगोधा की ओर कई आत्मघाती ड्रोन भेजे गए थे, और संभव है कि उनमें से एक अपनी उड़ान क्षमता खोने के बाद नीचे गिरकर किराना हिल्स में किसी पहाड़ी से टकरा गया हो। जनरल चौहान ने यह भी बताया कि 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 29 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी।
इस बैठक में यह तय किया गया था कि भारत सीमा पार से होने वाले आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा और पाकिस्तान को एक बड़ा सबक सिखाना चाहिए, जिसके लिए अकल्पनीय कदम उठाने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने सेना को निर्देश दिया था कि इसे अपने समय पर करें, लेकिन यह सुनिश्चित करें कि विफलता की कोई गुंजाइश न हो और हमारे पास सबूत होने चाहिए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में रक्षा मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद थे। ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े अहम फैसले यहीं लिए गए। जनरल चौहान ने बताया कि रक्षा मंत्री के विशेष आग्रह पर बहावलपुर के लक्ष्य को सूची में शामिल किया गया था, क्योंकि प्रधानमंत्री ने कुछ बड़ा करने की बात कही थी।
आम नागरिकों को कम से कम नुकसान हो, यह सुनिश्चित करने के लिए हमले के लिए रात का समय चुना गया। यह पहली बार है जब जनरल चौहान ने उस बैठक में लिए गए इन गोपनीय फैसलों की जानकारी सार्वजनिक की है। जनरल चौहान (सेवानिवृत्त) ने बताया कि 23 से 29 अप्रैल के बीच कई उच्च-स्तरीय बैठकें हुईं, जिनमें सरकार के पास कई विकल्प चर्चा के लिए रखे गए थे।
29 अप्रैल की बैठक में ही बहावलपुर के लक्ष्य को भी सूची में शामिल करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था, जो मई 2025 में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों के खिलाफ चलाए गए सैन्य अभियान से कुछ दिन पहले लिया गया था।