अब स्कूल में क्रिसमस पर सेंटा क्लॉज बनने से पहले लेने होगी पेरेंट्स की अनुमति

Dec 24, 2024

मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्कूल व कलेक्टर्स को दिए निर्देश

भोपाल,। मध्य प्रदेश में 25 दिसंबर यानी बुधवार को क्रिसमस त्योहार से पहले बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने एक आदेश दिया है कि ईसाई पर्व पर आयोजित कार्यक्रमों शामिल करने के लिए स्कूलों को छात्रों के पेरेंट्स से लिखित परमिशन लेनी होगी। बाल आयोग ने कहा कि यह कदम इस वजह से उठाया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

दरअसल, क्रिसमस पर स्कूलों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित होते हैं और छात्र सेंटा क्लॉज बनकर आते हैं लेकिन मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्कूल शिक्षा विभाग और राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखा है और निर्देश दिया है कि किसी भी स्कूल को क्रिसमस पर्व के दौरान स्टूडेंट्स को सेंटा क्लॉज के रूप में तैयार करने के लिए उनके माता-पिता से लिखित परमिशन लेनी होगी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बाल अधिकार संरक्षण आयोग का पत्र अनुराग पांडे ने जारी किया है। इसमें लिखा है कि विभिन्न आयोजनों के अवसर पर स्कूल-संस्था द्वारा चयनित बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग पोशाकें एवं अन्य पात्र बनाने की व्यवस्था की जाएगी। स्कूलों में आयोजित कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से लिखित अनुमति लेने के बाद ही ही इसमें भाग लिया जाए। किसी भी परिस्थिति में कोई भी छात्र माता-पिता की लिखित अनुमति के बिना उक्त कार्यक्रम में भाग न लें, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। यदि इस संबंध में कोई शिकायत या विवाद होता है, तो स्कूल-संस्था के विरुद्ध संबंधित अधिनियमों के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल-संस्था की होगी।

बाल अधिकार संरक्षण आयोग के आदेश के बाद में अब यह देखना होगा कि क्या क्रिसमस के त्योहार पर बच्चे सेंटा क्लॉज वाले कपड़े पहनकर आते है या नहीं। बता दें की पिछले साल भी बाल संरक्षण आयोग की तरफ से ऐसा आदेश जारी किया गया था। इसमें भी पेरेंट्स की लिखित अनुमति देना अनिवार्य किया गया था। बिना अभिभावकों की लिखित परमिशन के स्टूडेंट्स किसी भी वेशभूषा को नहीं पहन सकते थे। ऐसा पाए जाने पर स्कूलों पर एक्शन लेने के आदेश दिए गए थे।


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