भारतीय कंपनियों की विदेशी उधारी बढ़ी, अगस्त में 8.13 डॉलर अरब के आवेदन

Oct 30, 2026

 फ्लिपकार्ट, पीएफसी, आरईसी व इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने भी की बड़ी उधारी की मांग 

मुंबई । भारतीय कंपनियों द्वारा विदेशी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) के लिए दाखिल आवेदनों की कुल राशि अगस्त में मासिक आधार पर 5.6 प्रतिशत बढ़कर 8.13 अरब डॉलर तक पहुंच गई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है, जो वैश्विक पूंजी तक कंपनियों की बढ़ती पहुंच को दर्शाती है। जुलाई में यह आंकड़ा 7.69 अरब डॉलर था। अगस्त में दाखिल आवेदनों में कई प्रमुख कंपनियों की बड़ी उधारी मांग शामिल थी।

इनमें फ्लिपकार्ट इंटरनेट ने तीन साल के लिए 1.14 अरब डॉलर का कर्ज आगे ऋण देने के लिए मांगा, जबकि पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) ने सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए चार साल नौ महीने की अवधि के लिए 77.5 करोड़ डॉलर का आवेदन दिया। इसी तरह, आरईसी और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने भी क्रमशः सामान्य कारोबारी जरूरतों और मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए 50-50 करोड़ डॉलर की उधारी के इरादे दाखिल किए।

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब आरबीआई ने विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ाने और देश की बाह्य स्थिति मजबूत करने के लिए जून में विशेष एफसीएनआर(बी) जैसी सुविधाएं शुरू की थीं। हालांकि, मजबूत प्रतिक्रिया के कारण एफसीएनआर(बी) सुविधा 31 अगस्त को समय से पहले बंद कर दी गई थी, लेकिन ईसीबी और विदेशी मुद्रा में परिवर्तनीय बॉन्ड सुविधा 31 दिसंबर तक खुली है, जिससे आगे भी पूंजी प्रवाह की उम्मीद है।



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