राज्यपाल बोले-"संविधान आधुनिक भारत का धर्म ग्रंथ":संविधान दिवस कार्यक्रम में CS ने किया संविधान सभा में रहे मप्र के 29 सदस्यों का जिक्र

Nov 26, 2024

राज्यपाल बोले-"संविधान आधुनिक भारत का धर्म ग्रंथ":संविधान दिवस कार्यक्रम में CS ने किया संविधान सभा में रहे मप्र के 29 सदस्यों का जिक्र


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संविधान दिवस के मौके पर आज भोपाल के रवीन्द्र भवन में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, मंत्री कृष्णा गौर, मुख्य सचिव अनुराग जैन, विधायक भगवानदास सबनानी, रामेश्वर शर्मा सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

राज्यपाल बोले- यह वर्ष "हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान" अभियान के रूप में मनाया जाएगा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने कहा संविधान दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होना गर्व की बात है। आज का दिन हम सब भारतीयों के लिए गर्व और प्रसन्नता का दिन है। आज का दिन विश्व व्यापी मूल्यों की पारस्परिक समझ का अवसर और उत्सव है। इस वर्ष संविधान को अपनाने के 75 साल पूरे हो रहे हैं। इसके चलते यह वर्ष और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। इस महत्व को देखते हुए इस वर्ष को "हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान" अभियान के रूप में मनाने का निर्णय किया गया है।

कार्यक्रम में राज्यपाल ने आगे कहा-

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संविधान दिवस के पावन प्रसंग पर भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ भीमराव अंबेडकर और संविधान सभा के सभी महान व्यक्तियों का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें नमन करता हूं। जिनकी अद्भुत दिव्य दृष्टि के प्रयासों ने हमें एक ऐसा संविधान दिया है जो सभी नागरिकों की समानता स्वतंत्रता और न्याय प्रदान करता है। संविधान स्वतंत्र भारत का आधुनिक धर्म ग्रंथ है जो हम सब का मार्गदर्शक है।

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संविधान सबका संरक्षक, इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सबकी राज्यपाल ने कहा- संविधान को देश के हर नागरिक ने अंगीकृत किया है, इसलिए संविधान के वास्तविक संरक्षक हम भारत के लोग ही हैं। संविधान जहां एक और नागरिकों को सशक्त करता है, वहीं दूसरी ओर नागरिक भी अपने आचरण और व्यवहार से संविधान का संवर्द्धन और संरक्षण करते हैं। संविधान किसी एक का नहीं बल्कि सभी का संरक्षक है। इसलिए उसके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी हम सभी की है।

कार्यक्रम में मौजूद राज्यपाल और अधिकारी-कर्मचारी गण
कार्यक्रम में मौजूद राज्यपाल और अधिकारी-कर्मचारी गण

भावी पीढ़ी को संविधान से परिचित कराएं राज्यपाल ने कहा- देश के हर वर्ग समुदाय और नागरिक का अपने अधिकारों और कर्तव्यों के अनुपालन के लिए सजग और सक्रिय रहना आवश्यक है। इसलिए जरूरी है कि देश का प्रत्येक नागरिक समर्पित भाव से संविधान के उद्देश्यों और महत्व को समझे और समुचित पालन के द्वारा संविधान के प्रति अपने सम्मान का प्रदर्शन करे। हम सब का दायित्व है कि संविधान के अनुसार जाति, धर्म, लिंग, भाषा इत्यादि के आधार पर भेदभाव बिना एक सशक्त और समावेशी समाज बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें। जरूरी है कि संविधान निर्माताओं द्वारा स्वतंत्र लोकतांत्रिक और आत्मनिर्भर राष्ट्र निर्माण के लिए किए गए लंबे संघर्ष और त्याग के बारे में भावी पीढ़ी को परिचित कराया जाए।

संविधान दिवस केवल शासन और राजनीतिक दलों का उत्सव नहीं गर्वनर मंगू भाई पटेल ने कहा- संविधान दिवस को केवल शासन और राजनीतिक दलों का उत्सव नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माताओं के योगदान के प्रति आभार के उत्सव के रूप में मनाया जाए आज संविधान के अंगीकरण के 75 साल पूरे होने के अवसर पर प्रदेशवासियों का आह्वान करता हूं कि हम सभी अपने आचरण व्यवहार से संविधान से प्राप्त अधिकारों वर्षों पर गए कर्तव्यों के पालन के लिए जन जागरूकता को बढ़ाने में सक्रिय योगदान दें।

CS ने बताया संविधान निर्माण में मप्र का योगदान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएस अनुराग जैन ने कहा- संविधान की रचना के प्रमुख सूत्रधार बाबासाहब ने पार्लियामेंट में कह था कि ये केवल एक कानूनी दस्तावेज नही है। ये हमारे युग की भावनाओं का प्रतिबिंब है। 389 लोगों की संविधान सभा बनी। फिर पार्टीशन हो गया। 299 सदस्य रह गए। 1946 में संविधान सभा ने संविधान लिखने का काम शुरू किया। उन 299 में से 29 हमारे आज के मप्र से ताल्लुक रखते हैं। ये दिखाता है कि संविधान को लिखने में मप्र का कितना योगदान रहा है।

विदेश में सीएस ने बताया था भारतीय संविधान का महत्व

सीएस अनुराग जैन ने कहा- मेरा व्यक्तिगत रूप से मानना है कि हमारा जीवित लोकतंत्र है उसका एक प्रमुख आधार संविधान है मुझे एक इंटरनेशनल लीडर्स प्रोग्राम में मेरा चयन हुआ था उसमें 25 देश के प्रत्येक ही आए थे और हर देश के प्रतिनिधि को यह बताना था कि आपके देश की सबसे बड़ी ताकत क्या है मैं वहां अपने संविधान की मोटी बात बात कर कहा था कि हमारे देश का लोकतंत्र यदि इतना सुदृढ़ है तो इसका प्रमुख आधार हमारा संविधान है।

भारतीय संविधान फ्लेक्सिबल, अब तक 100 संशोधन हो चुके मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा- यह संविधान फ्लेक्सिबल है जिसमें 100 से अधिक संशोधन हो चुके हैं। जिसका परिणाम यह है कि बदलते समय के साथ हमारा संविधान कदमताल कर देश की गवर्नेंस व्यवस्था को सुचारु रूप से चला रहा है। हम देखें तो त्रिस्तरीय व्यवस्था 73 में 74 में संशोधन के साथ जमीन पर उतारी गई। जिससे लोगों की जन भागीदारी का प्रतिबिंब बन रहा है। आज के कार्यक्रम में ग्लोरी आफ कांस्टिट्यूशन फिल्म भी दिखाई जाएगी। पूरे प्रदेश के हर जिले में इसका दिखाया जाएगा एक फिल्म हमारे पार्लियामेंट्री अफेयर्स डिपार्टमेंट में बनाई है जिसमें हमारे प्रदेश के जितने लोगों का संविधान सभा में योगदान रहा है उनके बारे में भी इस फिल्म में दिखाया जाएगा।

संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने पर पदयात्रा

संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भोपाल में शाम को शौर्य स्मारक से “संविधान दिवस पदयात्रा” निकाली जाएगी। इस आयोजन में लगभग 3000 युवा भाग लेंगे। खेल और युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस पदयात्रा में शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना और नेहरू युवा केंद्र जैसे संगठनों की भागीदारी होगी।

संविधान दिवस के अवसर पर देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों में पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को चार चरणों में विभाजित किया गया है:

  1. प्रथम चरण - विकसित भारत पर ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी।
  2. द्वितीय चरण - निबंध और ब्लॉग लेखन।
  3. तृतीय चरण - विकसित भारत विज़न पिच डेक की राज्य स्तरीय प्रस्तुतियां।
  4. चतुर्थ चरण - भारत मंडपम में राष्ट्रीय चैम्पियनशिप।

युवा उत्सव की विस्तृत योजनाबद्ध गतिविधियां और कार्यक्रम "माय भारत" पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। साथ ही प्रतिभागियों का पंजीयन भी पोर्टल पर करना अनिवार्य होगा।

यंग लीडर डायलॉग के विजेता को मिलेगा पीएम मोदी से संवाद का मौका

"विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग" के तहत प्रदेश में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में चयनित युवाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। युवा महोत्सव 2025 के तहत युवाओं की प्रतिभा को मंच देने के उद्देश्य से जिला और राज्य स्तर पर आयोजन होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी का सपना है कि भारत 2047 तक विश्व के विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अग्रणी हो। इसी दिशा में युवाओं को प्रेरित करने के लिए "संविधान दिवस", "विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग" और "युवा महोत्सव" जैसे कार्यक्रम मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।

साल भर चलेगा उत्सव

भारत सरकार के निर्देशानुसार, संविधान लागू होने के 75 वर्ष पूर्ण होने के महत्व को देखते हुए वर्षभर चलने वाले उत्सव को "हमारा संविधान - हमारा स्वाभिमान" अभियान के अंतर्गत आयोजित किया जाएगा।

"संविधान दिवस" के उपलक्ष्य में नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, संस्थाओं, स्वशासी संस्थाओं और सार्वजनिक उपक्रमों में आज कार्यक्रम होंगे।

संविधान दिवस पर भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन भी किया जाएगा। इसमें सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के साथ आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सहभागी सामूहिक वाचन की तस्वीरें (सेल्फी अथवा अन्य फोटो) पोर्टल पर अपलोड की जा सकती हैं।

तस्वीर अपलोड करने के बाद वेबसाइट पर एक प्रमाण-पत्र तैयार होगा, जिसे डाउनलोड कर सोशल मीडिया पर साझा किया जा सकता है।


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