लगातार 5 पारियों के शून्य पर आउट होने वाले आज टीम के मुख्यचयनकर्ता

नई दिल्ली । इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे अधिक बार 0 पर आउट होने की यह शर्मिंदगी मुथैया मुरलीधरन ने झेली है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कुछ बैटर भी हैं, जिन्होंने यह शर्मिंदगी एक-दो नहीं, बल्कि लगातार 5 पारियों में झेली है। इन बैटर्स में एक नाम उस क्रिकेटर का भी है, जो वर्तमान में बीसीसीआई का मुख्य चयनकर्ता है, अजित आगरकर का नाम भी शामिल है। 

आगरकर की गिनती भारत के बेहतरीन क्रिकेटरों में होती है। जब आगरकर अपने करियर के पीक पर थे, तब सबसे कम मैचों में 50 विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया था। लॉर्ड्स में शतक भी आगरकर का वहां कारनामा है, जिसे याद कर वे अच्छा महसूस करते हैं, लेकिन यकीन मानिए, जब कभी उन्हें ऑस्ट्रेलिया के 1999-2000 दौरे की याद आती होगी, वे दुखी हो जाते हैं। अजित ने इस दौरे पर ऐसा रिकॉर्ड बनाया था, जो कोई क्रिकेटर कभी भी ना तब बनाना चाहेगा और ना ही उसकी बराबरी करना चाहेगा। अजित ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार 5 पारियों में 0 पर आउट हुए थे। 

अजित ने मेलबर्न और सिडनी टेस्ट में पेयर बनाया था। यानी वे मेलबर्न और सिडनी टेस्ट की दोनों पारियों में खाता नहीं खोल सके थे। इससे पहले वे एडिलेड टेस्ट की चौथी पारी में भी बिना खाता खोले आउट हुए थे। अजित के ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तब उन्होंने 26 टेस्ट, 191 वनडे और 4 टी20 इंटरेनशनल मैच खेले हैं। उन्होंने इन तीनों फॉर्मेट में कुल मिलाकर 349 विकेट लिए हैं और 1855 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और 3 अर्धशतक शामिल हैं। अजित फिलहाल बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता हैं। 

हालांकि, अजित लगातार 5 पारियों में 0 पर आउट होने वाले पहले क्रिकेटर नहीं हैं। उससे पहले रॉबर्ट हॉलैंड और डैनी मॉरिसन भी यह अनचाहा रिकॉर्ड बना चुके थे। ऑस्ट्रेलिया के रॉबर्ट हॉलैंड स्पेशलिस्ट लेग स्पिनर थे। जबकि न्यूजीलैंड के डैनी मॉरिसन तेज गेंदबाज थे। हॉलैंड ने 1985 में यह रिकॉर्ड बनाया था, जिसे मॉरिसन ने 1993 में बराबर किया। बता दें कि हॉलैंड और डैनी मॉरिसन को उनकी टीम के सबसे कमजोर बैटर माना जाता थ। 



Subscribe to our Newsletter