विदेशों में नाम कमा रहा राजधानी का साइकिल प्रेमी ग्रुप

Jan 29, 2024

350 साइकिल चालकों के ग्रुप में कई महिलाएं भी शामिल 

भोपाल । राजधानी में साइकिलिंग करते-करते दो दर्जन से अधिक लोग देश और दुनिया की प्रतिष्ठित साहसिक खेल गतिविधि आयरनमैन को पूरा कर चुके हैं। छह साल पहले बनाए गए इस ग्रुप में आज 350 साइकिल चालक शामिल हो चुके हैं जिनमें कई महिलाएं भी है। यह चालक समूह में प्रदेश का भ्रमण करते हैं। कई साइकिल चालक आस्ट्रेलिया, जर्मनी, बर्सिलोना आदि देशों में जाकर आयरनमैन की प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुके हैं। शहर के साइकिल प्रेमियों ने 2017 में साइकलिंग क्लब द न्यू गोल्फर्स समूह बनाया। इस क्लब में 350 साइकिल चालक हैं और 15 से ज्यादा ऐसे साइकिल प्रेमी हैं,

जो आयरनमैन जैसे खिताब अपने नाम कर चुके हैं। उन्होंने सालों बाद यह विचारधारा बदली है कि साइकिल चलाना सिर्फ मध्यवर्गीय परिवार का सिम्बल रहा है। इस ग्रुप की सदस्य डा. प्रिया भावे चित्तावर ने बताया कि 2017 में जब ग्रुप शुरू हुआ था तब भोपाल में साइकिल कल्चर न के बराबर था, इसीलिए साइकिल की दुकानों पर भी न महंगी साइकिलें मिलती थीं और न ही गियर मिल पाते थे। सबसे महंगी साइकिल 20 हजार तक की ही मिलती थी, लेकिन जब लोगों की मदद से ग्रुप बढ़ने लगे तो व्यापारी भी महंगी साइकिलें मंगवाने लगे। लोगों में भी जागरूकता बढ़ी।

अब राजधानी में तीन से चार लाख रुपये तक की साइकिलों के लिए भी शहर से बाहर नहीं जाना पड़ता। धीरे-धीरे ग्रुप में लोग बढ़े और अब क्लब में 350 मेंबर्स हैं, जो सप्ताह में एक बार लंबी दूरी की साइकिलिंग पर निकलते हैं। वैसे तो इस ग्रुप ने कई राइड की है, लेकिन सबसे लंबी राइड सितंबर 2017 में पूरी की। इस 200 किमी की राइड ग्रुप के सदस्यों के लिए यागदार बनी। इसमें लगभग 35 सदस्यों ने भोपाल से डोडी और फिर डोडी से भोपाल तक की यात्रा साइकिल से ही पूरी की। इस राइड के साथ ज्यादातर लोग भोपाल रेन्डेन्योर कम्युनिटी का हिस्सा भी बन गए। इस कम्युनिटी में 100 किमी से अधिक साइकिलिंग करने वाले को रेन्डेन्योर कहा जाता है।

जबकि सितंबर से जनवरी तक एक ही सीजन में 200, 300, 400, 600 किमी की राइड करने वाले को सुपर रेन्डेन्योर कहते हैं, लेकिन अभी रेन्डेन्योर की संख्या ज्यादा है। हाल ही में डा. प्रिया भावे चित्तावर (आस्ट्रेलिया), जामरान (बर्सेलोना) और नंदन नरुला (ओडिसा) ने फुल आयरनमैन खिताब अपने नाम किया है। साथ ही ग्रुप के हेमंत मुनिया और शुभेंद्र ने 1200 किमी की साइकिलिंग पूरी की थी। कंपनी सचिव योगेश खाखरे ने बताया कि शुरुआती दिनों में इस ग्रुप में सिर्फ चार से पांच लोग ही होते थे।

स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट भोपाल में 2016 में आया। मैं भी इसी डिपार्टमेंट का हिस्सा था। शहर के विकास के लिए साइकिलिंग पाथ की योजना आई। फिर ध्यान में आया कि साइकिलिंग को लोग तभी अपनाएंगे जब इसकी मांग ज्यादा होगी। यह एलीट क्लास का शौक मानी जाएगी। इसी सोच के साथ नाम आया द न्यू गोल्फर्स... यानी एलीट क्लास का नया गोल्फ है साइकिलिंग। हमने महंगी साइकिलें बाहर से मंगवाई, सेफ्टी गियर खरीदे और सप्ताह पर साइकिलिंग के लिए निकलना शुरू किया, जो आज भी जारी है। अब इस ग्रुप में 15 से ज्यादा आयरनमैन हैं।


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