कूनो में तीन नहीं चार शावकों का जन्म
Jan 24, 2024
दूसरे दिन मिला ज्वाला का चौथा शावक
भोपाल । कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता ज्वाला ने तीन नहीं चार शावकों को जन्म दिया है। एक शावक वन विभाग अमले को दूसरे दिन मिला है। अब कूनो में 8 शावकों सहित चीतों की संख्या 21 हो गई है। बता दें कि मंगलवार को तीन शावकों के जन्म की जानकारी मिली थी।
मादा चीता ज्वाला ने सोमवार को शावकों को जन्म दिया था। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार सुबह करीब 8 बजे अपने एक्स हैंडल पर तीन शावकों के जन्म की जानकारी दी थी। बुधवार को वन विभाग टीम को एक और शावक मिला। जिसके बाद केंद्रीय वन मंत्री ने बधाई देते हुए पोस्ट कर लिखा- ज्वाला ने तीन नहीं चार शावकों को जन्म दिया है।
11 शावक ले चुके जन्म
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 सितंबर 2022 को मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी, जो अब सफलता की ओर बढ़ता दिख रहा है। पिछले एक साल में 11 चीते जन्म ले चुके हैं, हालांकि इनमें से 3 चीतों की मौत हो गई। हालांकि विशेषज्ञों की मानें तो अब चीता भारतीय जलवायु में ढल चुके हैं, जो कि परियोजना की सफलता को दर्शाता है। बता दें कि चीता पुनर्वास परियोजना के तहत पहली बार नामीबिया से आठ चीते लाए गए थे। जिन्हें पीएम मोदी ने कूनो नेशनल पार्क के क्वारंटाइन बाड़े में छोड़ा था। इसके कुछ दिनों बाद दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते लाए गए।
चीतोंं की सफल वंशवृद्धि
कूनो वन मंडल श्योपुर के डीएफओ थिरूकुराल आर के कहते हैं कि परियोजना का मुख्य फोकस देश की धरती पर चीतों की वंशवृद्धि कराना था, जिसमें सफलता उत्साहित करती है। इसके लिए रणनीति बनाई गई। चीतों को बाड़ों में रखकर जोड़े बनाए गए। कूनों में छह मादा चीता हैं व सात नर चीता हैं। ज्वाला व आशा चीता शावकों को जन्म दे चुकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मादा चीतों का जोड़ा समय-समय पर बदला भी जाता है। हालांकि कूनो में अब तक तीन शावकों समेत दस चीतों की मौत भी हुई है लेकिन परियोजना से जुड़े अधिकारी कहते हैं कि चीते अब भारतीय जलवायु में ढल चुके हैं। परियोजना सफल हो रही है।
10 चीतों की हो चुकी है मौत
कूनों में अभी तक दस चीतों की मौत हुई है। 26 मार्च 2023 को नामीबिया से लाई गई मादा चीता साशा की किडनी इंफेक्शन के चलते मौत हो गई थी। 23 अप्रैल 2023 को नर चीता उदय की कार्डियक आर्टरी फेल होने के चलते मौत हो गई। 9 मई 2023 को मादा चीता दक्षा की मेटिंग के दौरान मौत हो गई। 23 मई 2023 को मादा चीता ज्वाला के एक शावक की तेज गर्मी में डिहाइड्रेशन और कमजोरी के कारण मौत हो गई 25 मई 2023 को मादा चीता ज्वाला के दो और शावकों की मौत हो गई थी। इनकी मौत भी तेज गर्मी और लू के कारण हुई। 11 जुलाई 2023 को आपसी संघर्ष में नर चीता तेजस की मौत हो गई। 14 जुलाई 2023 को आपसी संघर्ष में नर चीता सूरज की मौत हो गई। 2 अगस्त 2023 को इंफेक्शन से मादा चीता धात्री की मौत हो गई। 16 जनवरी 2024:0 को शौर्य नर चीता की मौत हो गई।