गठबंधन से बदलेंगे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सियासी समीकरण

Feb 13, 2024

नई दिल्ली । उम्मीद के मुताबिक वह दिन आ गया, जब रालोद ने भाजपा से गठबंधन कर लिया। दोनों राजनीतिक दलों के गठबंधन की सूचना मिलते ही रालोद नेताओं के पास पार्टी में ज्वाइनिंग के लिए फोन बजने लगे, ज्वाइनिंग करने वालों में ज्यादातर मुस्लिम समाज के नेता हैं। जल्द ही तारीख निश्चित कर लोकसभा चुनाव से पहले रालोद में इन नेताओं की ज्वाइनिंग कराई जाएगी। लोकसभा चुनाव से पहले रालोद और भाजपा का गठबंधन होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सियासी समीकरण बदलेंगे। भाजपा उन सीटों पर भी मजबूती से चुनाव लड़ेगी, जहां पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोकदल की मजबूती का आधार जाट के साथ ही मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन है। भाजपा से गठबंधन के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रालोद का कुनबा बढ़ेगा, पार्टी को मजबूती मिलेगी तो इससे भाजपा को भी लोकसभा चुनाव में फायदा मिलेगा। जिले में कई नेता ऐसे हैं, जो भाजपा में शामिल होना चाहते थे, लेकिन जिला और महानगर स्तर के भाजपा नेताओं के विरोध के कारण वह भाजपा में शामिल नहीं हो पा रहे थे। ऐसे में ये नेता अब रालोद में शामिल होने की तैयारी में हैं, जिससे कि सत्ता का सुख हासिल कर सकें। इन नेताओं की पार्टी में ज्वाइनिंग रालोद के शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी के बाद मिलेगी।


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